पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती अनूठी पहल ‘चाय पियो-कप खा जाओ’

महाकुंभ 2025 को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए नई-नई पहलें की जा रही हैं। काशी के दुकानदार पुनीत दुबे ने एक अनोखा और कचरा मुक्त मॉडल पेश किया है जो महाकुंभ के श्रद्धालुओं को खूब पसंद आ रहा है। सेक्टर-19 के शंकराचार्य चौराहे पर उनकी चाय की दुकान ‘द टेस्ट ऑफ बनारस’ में एक खास बात है यहां चाय पीने के बाद कप भी खाया जा सकता है।

यह चॉकलेट फ्लेवर के कप पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश देते हैं। श्रद्धालु यहां बनारसी चाय का स्वाद लेने के साथ-साथ इन खाने योग्य कप का भी मजा ले रहे हैं। पुनीत बताते हैं कि ये कप चॉकलेट, इलायची और वनीला फ्लेवर में मिलते हैं और मिट्टी के कुल्हड़ की तरह दिखते हैं।

सिर्फ 20 रुपये में मिलने वाली इस चाय और खाने योग्य कप को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। डॉ. रणजीत मिश्र, जो यहां चाय का आनंद ले रहे थे, ने कहा, “चाय पीने के बाद कप खाने का मजा बचपन की यादें ताजा कर देता है।”
पुनीत का यह मॉडल न केवल कूड़ा-कचरा कम करता है बल्कि पॉलीथीन मुक्त अभियान में भी योगदान देता है। उनके अनुसार, प्रशासनिक अधिकारी भी इस पहल की तारीफ कर रहे हैं। इस चाय की बढ़ती लोकप्रियता से यह साबित होता है कि छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं।

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