महाराष्ट्र : ‘हिट एंड रन’ मामले पर नये कानून के विरोध में टैंकर चालकों ने काम किया बंद

मप्र: नये कानून के खिलाफ सड़कों पर चालकों की अराजकता, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया इंदौर, एक जनवरी (भाषा) नये कानून में ''हिट एंड रन'' के मामलों में सख्त सजा के प्रावधानों के खिलाफ उग्र विरोध करते हुए मध्यप्रदेश में चालकों ने मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य आम रास्तों पर सोमवार को चक्काजाम किया. इससे कई वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और आम जरूरत की चीजों के परिवहन पर असर पड़ा. 'ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस' की परिवहन समिति के अध्यक्ष सी.एल. मुकाती ने ''पीटीआई-भाषा'' को बताया, ''हिट एंड रन के मामलों में सरकार द्वारा अचानक पेश कर दिए गए कड़े प्रावधानों को लेकर चालकों में आक्रोश है और उनकी मांग है कि इन प्रावधानों को वापस लिया जाए.'' उन्होंने कहा कि सरकार को ''हिट एंड रन'' के मामलों में विदेशों की तर्ज पर सख्त प्रावधान लाने से पहले विदेशों की तरह बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए. भारतीय दंड विधान की जगह लेने जा रही भारतीय न्याय संहिता में ऐसे चालकों के लिए 10 साल तक की सजा का प्रावधान है जो लापरवाही से गाड़ी चलाकर भीषण सड़क हादसे को अंजाम देने के बाद पुलिस या प्रशासन के किसी अफसर को दुर्घटना की सूचना दिए बगैर मौके से फरार हो जाते हैं. प्रत्यक्षर्दिशयों ने बताया कि मुंबई को आगरा से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर धार और शाजापुर जिले में चालकों ने चक्काजाम किया जिससे सैकड़ों वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इंदौर के विजय नगर चौराहे पर चक्काजाम की कोशिश के दौरान सवारियों को चार पहिया वाहनों से जबरन उतार रहे प्रदर्शनकारी चालकों को पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके खदेड़ा. प्रत्यक्षर्दिशयों ने बताया कि इंदौर के ही एक अन्य वाकये में चालकों ने गंगवाल बस स्टैंड के पास चौराहे पर बस खड़ी करके चक्काजाम कर दिया और धरने पर बैठ गए जिससे राहगीरों को खासी परेशानी हुई. सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) हेमंत चौहान ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी देकर चक्काजाम खत्म कराया गया. उन्होंने बताया कि सड़क पर चक्काजाम करके यातायात बाधित करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं. विरोध प्रदर्शन में टैंकर चालकों के शामिल होने के कारण ईंधन के स्टॉक पर असर की आशंका से नव वर्ष के पहले दिन सूबे के पेट्रोल पम्पों पर भी लोगों की लंबी कतारें नजर आईं. इस बीच, सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में सड़क पर विरोध प्रदर्शन के दौरान चालक यह आरोप लगाकर हंगामा करते नजर आ रहे हैं कि एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें डराने के लिए पिस्तौल निकाल ली. इंदौर के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) उमाकांत चौधरी के मुताबिक, यह घटना क्षिप्रा थाना क्षेत्र में रविवार को सामने आई, लेकिन उन्होंने प्रदर्शनकारी चालकों का आरोप खारिज किया. उन्होंने कहा, ''पुलिस अधिकारी अपनी पिस्तौल को चमड़े के खोल में महज रख ही रहा था. उसका इरादा प्रदर्शनकारियों को डराने का नहीं था.''

नासिक/इंदौर. महाराष्ट्र के नासिक जिले में सोमवार को टैंकर चालकों ने काम बंद कर दिया और एक हजार से अधिक टैंकर पनेवाडी गांव में खड़े कर दिए. पनेवाडी गांव एक ईंधन डिपो है, जहां ये टैंकर खड़े किए गए. टैंकर चालकों ने यह कदम हिट-एंड-रन मामले में चालक को 10 वर्ष तक की जेल की सजा का प्रावधान करने वाले नए कानून के विरोध में उठाया है.

नंदगांव तालुका के पनेवाड़ी गांव में भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के ईंधन डिपो हैं साथ ही यहां एलपीजी गैस भरने का भी स्टेशन हैं. इन डिपो से ईंधन राज्य के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाया जाता है. टैंकर चालक भारतीय न्याय संहिता के उस प्रावधान का विरोध कर रहे हैं, जिसके तहत लापरवाही से गाड़ी चलाने पर गंभीर सड़क दुर्घटना होने और पुलिस या प्रशासन के किसी अधिकारी को सूचित किए बिना मौके से भागने वाले चालकों को 10 साल तक की सजा या सात लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है.

नासिक जिला पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भूषण भोसले ने कहा, ”अगर आंदोलन बंद नहीं किया गया तो नासिक जिले के कई ईंधन स्टेशन बंद हो जाएंगे क्योंकि वे डीलरों को अपने टैंकर भरने नहीं दे रहे हैं. द्वार बंद कर दिए गए हैं और एक भी टैंकर को ईंधन नहीं ले जाने दिया जा रहा है.” उन्होंने कहा कि कम से कम 1,200 टैंकरों ने काम बंद कर दिया है. पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना होगा और आंदोलन को रोकने के लिए कार्रवाई करनी होगी. इस बीच, छत्रपति संभाजीनगर में पेट्रोल पंप डीलरों के एक संघ ने कहा कि अगर स्थिति सामान्य नहीं हुई तो कल तक जिले के ईंधन पंप बंद हो सकते हैं.

पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सचिव अकील अब्बास ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि छत्रपति संभाजीनगर में कुछ पेट्रोल पंपों पर काम पहले ही बंद हो चुका है. प्रदर्शनकारी टैंकर चालकों में से एक सैयद वाजेद ने कहा, ”नये कानून के अनुसार, ‘हिट एंड रन’ मामलों में 10 साल तक की जेल और सात लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है. हम ड्राइवर हैं हम इतनी बड़ी राशि कैसे भर सकते हैं?”

मप्र: नये कानून के खिलाफ सड़कों पर चालकों की अराजकता, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया

नये कानून में ”हिट एंड रन” के मामलों में सख्त सजा के प्रावधानों के खिलाफ उग्र विरोध करते हुए मध्यप्रदेश में चालकों ने मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य आम रास्तों पर सोमवार को चक्काजाम किया. इससे कई वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और आम जरूरत की चीजों के परिवहन पर असर पड़ा.

‘ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस’ की परिवहन समिति के अध्यक्ष सी.एल. मुकाती ने ”पीटीआई-भाषा” को बताया, ”हिट एंड रन के मामलों में सरकार द्वारा अचानक पेश कर दिए गए कड़े प्रावधानों को लेकर चालकों में आक्रोश है और उनकी मांग है कि इन प्रावधानों को वापस लिया जाए.” उन्होंने कहा कि सरकार को ”हिट एंड रन” के मामलों में विदेशों की तर्ज पर सख्त प्रावधान लाने से पहले विदेशों की तरह बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

भारतीय दंड विधान की जगह लेने जा रही भारतीय न्याय संहिता में ऐसे चालकों के लिए 10 साल तक की सजा का प्रावधान है जो लापरवाही से गाड़ी चलाकर भीषण सड़क हादसे को अंजाम देने के बाद पुलिस या प्रशासन के किसी अफसर को दुर्घटना की सूचना दिए बगैर मौके से फरार हो जाते हैं.

प्रत्यक्षर्दिशयों ने बताया कि मुंबई को आगरा से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर धार और शाजापुर जिले में चालकों ने चक्काजाम किया जिससे सैकड़ों वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इंदौर के विजय नगर चौराहे पर चक्काजाम की कोशिश के दौरान सवारियों को चार पहिया वाहनों से जबरन उतार रहे प्रदर्शनकारी चालकों को पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके खदेड़ा.

प्रत्यक्षर्दिशयों ने बताया कि इंदौर के ही एक अन्य वाकये में चालकों ने गंगवाल बस स्टैंड के पास चौराहे पर बस खड़ी करके चक्काजाम कर दिया और धरने पर बैठ गए जिससे राहगीरों को खासी परेशानी हुई. सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) हेमंत चौहान ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी देकर चक्काजाम खत्म कराया गया.

उन्होंने बताया कि सड़क पर चक्काजाम करके यातायात बाधित करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं. विरोध प्रदर्शन में टैंकर चालकों के शामिल होने के कारण ईंधन के स्टॉक पर असर की आशंका से नव वर्ष के पहले दिन सूबे के पेट्रोल पम्पों पर भी लोगों की लंबी कतारें नजर आईं.

इस बीच, सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में सड़क पर विरोध प्रदर्शन के दौरान चालक यह आरोप लगाकर हंगामा करते नजर आ रहे हैं कि एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें डराने के लिए पिस्तौल निकाल ली. इंदौर के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) उमाकांत चौधरी के मुताबिक, यह घटना क्षिप्रा थाना क्षेत्र में रविवार को सामने आई, लेकिन उन्होंने प्रदर्शनकारी चालकों का आरोप खारिज किया. उन्होंने कहा, ”पुलिस अधिकारी अपनी पिस्तौल को चमड़े के खोल में महज रख ही रहा था. उसका इरादा प्रदर्शनकारियों को डराने का नहीं था.”

Related Articles

Back to top button