मंगलुरु/कोयंबटूर/तिरूवनंतपुरम. कर्नाटक के तटीय नगर मंगलुरु में 19 नवंबर को हुए विस्फोट की जांच का दायरा अब दो अन्य राज्यों में भी फैल गया है और केरल एवं तमिलनाडु में भी जांच शुरु की गई है. अब तक की जांच से पता लगा है कि मंगलुरु विस्फोट मामले का प्रमुख संदिग्ध “वैश्विक आतंकवादी संगठन से प्रभावित’’ था और उसने हाल ही में तमिलनाडु और केरल का भी दौरा किया था. ऐसे में पुलिस दोनों राज्यों में उसके स्थानीय संपर्कों की तलाश कर रही है. मंगलुरु विस्फोट का आरोपी मोहम्मद शारिक शनिवार को एक विस्फोट में झुलस गया था.
कर्नाटक के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) (कानून व्यवस्था) आलोक कुमार ने सोमवार को कहा, “उसका आका सुदगुंटेपल्या (बेंगलुरु) का अब्दुल मतीन ताहा है जिस पर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया है.” वहीं तमिलनाडु पुलिस भी पता लगा रही है कि क्या राज्य में शारिक का कोई साथी है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब यह साफ हो गया है कि शारिक ने ऊटी के निवासी सुरेंद्रन के आधार कार्ड का उपयोग करके एक सिम कार्ड खरीदा था. उन्होंने कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि शारिक सितंबर में कोयंबटूर में ठहरा था और वह उसका यहां ठहरना कहीं किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा तो नहीं था? कोयंबटूर में पिछले महीने विस्फोट हुआ था.
पुलिस सुरेंद्रन से पूछताछ कर रही है. सुरेंद्रन भी उसी ‘डॉर्मिटरी’ में ठहरा था, जिसमें शारिक रुका था और शारिक ने आधार कार्ड प्राप्त करने के लिए सुरेंद्रन से मित्रता की थी. इस बीच मंगलुरु विस्फोट मामले की जांच कर रहे कर्नाटक पुलिस के अधिकारियों की एक टीम शारिक के संपकों की जांच के लिए केरल में एर्नाकुलम पहुंची. पुलिस सूत्रों ने कहा कि राज्य पुलिस की खुफिया शाखा भी इस संबंध में जांच कर रही है.
पुलिस कर रही जांच : क्या मंगलुरु विस्फोट के मुख्य आरोपी शारिक का तमिलनाडु में भी है कोई साथी
पुलिस यह पता लगाने के लिए जांच कर रही है कि क्या मंगलुरु विस्फोट के मुख्य आरोपी मोहम्मद शारिक का तमिलनाडु में भी कोई साथी है? पुलिस ने सोमवार को यहां यह जानकारी दी. पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब यह साफ हो गया है कि शारिक ने ऊटी के निवासी सुरेंद्रन के आधार कार्ड का उपयोग करके एक सिम कार्ड खरीदा था. उन्होंने कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि शारिक सितंबर में कोयंबटूर में ठहरा था और वह उसका यहां ठहरना कहीं किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा तो नहीं था ? कोयंबटूर में पिछले महीने विस्फोट हुआ था. पुलिस सुरेंद्रन से पूछताछ कर रही है. सुरेंद्रन भी उसी ‘डॉर्मिटरी’ में ठहरा था, जिसमें शारिक रुका था और शारिक ने आधार कार्ड प्राप्त करने के लिए सुरेंद्रन से मित्रता की थी.