मणिपुर: उग्रवादियों ने कई मकानों में आग लगायी, उखरुल में तनाव पैदा

इंफाल: मणिपुर के उखरुल जिले में सशस्त्र उग्रवादियों ने कई मकानों में कथित तौर पर आग लगा दी। यह घटना तंगखुल नगा समुदाय के एक सदस्य पर लोगों के एक समूह द्वारा ”हमला” किए जाने के बाद इलाके में तनाव बढ़ने के बीच हुई। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि रविवार शाम को जिले के लिटान गांव में दो आदिवासी समूहों ने पथराव किया, जिसके कारण प्रशासन को निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी।

उन्होंने बताया कि मध्यरात्रि के आसपास लिटान सारेइखोंग में तंगखुल नगा समुदाय के कई मकानों में कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों द्वारा आग लगा दी गई। पास के ही एक इलाके में कुकी समुदाय के कुछ लोगों के मकानों को भी जला दिया गया। तंगखुल मणिपुर की सबसे बड़ी नगा जनजाति है। लितान सारेइखोंग कुकी बहुल गांव है।

जिले के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”नुकसान का आकलन किया जा रहा है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।” मुख्यमंत्री वाई खेमचंद ंिसह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में सभी समुदायों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, ”आज सुबह मैंने आरआईएमएस अस्पताल का दौरा किया और उखरुल जिले में हुई दुर्भाग्यपूर्ण लिटान घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सहायता का आश्वासन दिया।”

ंिसह ने कहा, ”गलतफहमी के कारण हुई इस घटना के बाद हालात अब नियंत्रण में है। मैं सभी समुदायों से संयम बरतने, कानून का पालन करने और शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की अपील करता हूं।” सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो फुटेज में हथियारबंद लोग गांव में मकानों और वाहनों को आग लगाते हुए और उग्रवादी अत्याधुनिक हथियारों से हवा में गोली चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

‘पीटीआई-भाषा’ वीडियो क्लिप की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। अधिकारी ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही को रोकने के लिए महादेव, लंबुई और शांगकाई तथा लिटान की ओर जाने वाले अन्य क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा र्किमयों को तैनात किया गया है।

उन्होंने बताया कि रविवार शाम को सुरक्षा बलों ने लिटान सारेइखोंग गांव में आपस में भिड़े दो आदिवासी समूहों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। उखरुल जिले के मजिस्ट्रेट द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि तंगखुल नगा और कुकी समुदायों के सदस्यों के बीच तनाव के कारण गांव में शांति और व्यवस्था भंग होने की आशंका है।

जिला मजिस्ट्रेट आशीष दास ने अधिसूचना में कहा कि रविवार शाम सात बजे से अगले आदेश तक किसी भी व्यक्ति का अपने निवास स्थान से बाहर निकलना प्रतिबंधित है। इसमें कहा गया है कि यह आदेश सरकारी अधिकारियों और सुरक्षार्किमयों पर लागू नहीं होगा। शनिवार रात लिटान गांव में सात से आठ लोगों द्वारा तंगखुल नगा समुदाय के एक सदस्य पर कथित तौर पर हमला किए जाने के बाद इलाके में ंिहसा भड़क गई।

अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित पक्ष और लिटान सारेइखोंग के मुखिया के बीच मामला सुलझ गया था और दोनों पक्ष आपसी सहमति से पारंपरिक तरीकों से समस्या का समाधान करने पर सहमत हुए थे। रविवार को एक बैठक निर्धारित की गई थी लेकिन बैठक नहीं हुई। उन्होंने बताया कि इसके बजाय पास के सिकिबुंग गांव के ग्रामीणों के एक समूह ने लिटान सारेइखोंग के मुखिया के आवास पर कथित तौर पर हमला किया। ऐसी जानकारी है कि ग्रामीणों ने लिटान पुलिस थाने के आसपास से गुजरते समय सात गोलियां भी चलाईं।

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