राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद मणिपुर की कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ : बीरेन सिंह

इंफाल. मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है. वह दिल्ली से लौटने के बाद इंफाल हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात कर रहे थे. सिंह 25 विधायकों के साथ दिल्ली में एक सप्ताह से अधिक समय से डेरा डाले हुए थे. यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य में सरकार गठन के बारे में कोई निर्णय लिया गया, सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राष्ट्रीय पार्टी है, इसलिए ऐसे निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर लिए जाएंगे.

दिल्ली जाने से पहले सिंह ने कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के लिए समय लेने जा रहे हैं, ताकि उन्हें राज्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों के अलावा सरकार के गठन के बारे में जानकारी दी जा सके. उन्होंने कहा, “सभी को याद रखना चाहिए कि भाजपा राष्ट्रीय पार्टी है, क्षेत्रीय पार्टी नहीं. यहां फैसले नहीं लिए जा सकते. हमें उच्च स्तर पर जाना होगा और फैसले राष्ट्रीय स्तर पर लिए जाएंगे.”

उन्होंने कहा, “हमारे जो भी मुद्दे हैं, चाहे वह आईडीपी के हों, राजमार्ग के संबंध में हों या फिर लोकप्रिय सरकार का मुद्दा हो, हम केंद्रीय नेतृत्व के सामने लोगों की राय रख रहे हैं. भाजपा राष्ट्रीय पार्टी है और मणिपुर भारत में है. किसी भी चीज़ के लिए हमें केंद्र से संपर्क करना होगा.” सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति शासन तब लगाया जाता है, जब कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ जाती है, और मणिपुर में ऐसी स्थिति 11 बार देखी जा चुकी है तथा कुछ मामलों में तो बहुमत वाली सरकार के रहते भी. उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है.”

भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र को मौजूदा स्थिति के बारे में मणिपुर के लोगों के विचारों से अवगत करा दिया गया है. उन्होंने कहा, “अब केंद्र को फैसला लेना है. सभी समुदायों के प्रतिनिधि केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी बातचीत कर रहे हैं. राज्य में निश्चित रूप से लोकप्रिय सरकार बननी है.”

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “एक पार्टी पहले लगातार कहती थी कि सरकार को हटाया जाना चाहिए. अब वे विधानसभा भंग करने की मांग कर रहे हैं. हम वह नहीं करने जा रहे, जो वह पार्टी चाहती है. हम वही करेंगे, जो जनता चाहती है.” राज्य में फरवरी में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था, जब मेइती और कुकी लोगों के बीच जातीय संघर्षों से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना के बीच सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. मई 2023 में शुरू हुई हिंसा में 260 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है और हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं.

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