मराठा आरक्षण आंदोलन: बीड में कर्फ्यू हटाया; अब तक 99 लोग गिरफ्तार

छत्रपति संभाजीनगर. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में बीड प्रशासन ने मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान सोमवार को हुई हिंसा के बाद जिले के कुछ हिस्सों में लगाया गया कर्फ्यू बुधवार सुबह हटा लिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र स्थित इस जिले में निषेधाज्ञा जारी रहेगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंटरनेट सेवाएं अब भी बंद हैं.

धाराशिव जिले के जिलाधिकारी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस जिले में बुधवार शाम पांच बजे कफ्र्यू हटा लिया जाएगा, लेकिन निषेधाज्ञा आदेश लागू रहेंगे. इस जिले में भी मराठा आरक्षण के समर्थन में विरोध प्रदर्शन हुआ था. अधिकारियों ने बताया कि बीड पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में अब तक 30 से अधिक मामले दर्ज किये हैं और 99 लोगों को गिरफ्तार किया है. जिले में सोमवार को हुई हिंसा के बाद जिलाधिकारी कार्यालय, तालुकाओं के मुख्यालयों के साथ-साथ जिले से गुजरने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के पांच किलोमीटर के दायरे में कफ्र्यू लागू किया गया है.

एक अधिकारी ने बताया, ”बीड जिले में बुधवार सुबह छह बजे जिला प्रशासन द्वारा कफ्र्यू हटा दिया गया. जिले में निषेधाज्ञा अब भी जारी है.” जिलाधिकारी दीपा मुधोल मुंडे ने संवाददाताओं से कहा, ”बीड में इंटरनेट सेवाएं अभी भी बंद हैं.” कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए जिलाधिकारी आस्तिक कुमार पांडे द्वारा मंगलवार को छत्रपति संभाजीनगर जिले में निषेधाज्ञा लागू की गई थी. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि नांदेड़ जिलाधिकारी अभिजीत राउत ने परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य सड़कों पर निषेधाज्ञा लागू कर दी.

महाराष्ट्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) (कानून-व्यवस्था) संजय सक्सेना ने बीड जिले का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी सक्सेना स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. अधिकारी ने बताया कि वह हालात के बारे में सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेंगे. बीड के माजलगांव शहर में सोमवार सुबह आरक्षण आंदोलनकारियों के एक समूह द्वारा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अजित पवार गुट के विधायक प्रकाश सोलंके के आवास पर आगजनी और पथराव किया गया था.

विधायक का एक ऑडियो ‘क्लिप’ सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद यह घटना हुई. ‘क्लिप’ में राकांपा विधायक ने कथित तौर पर मराठा आरक्षण आंदोलन के बारे में बोला था और आमरण अनशन कर रहे मनोज जरांगे पर परोक्ष तौर पर टिप्पणी की थी.
बाद में माजलगांव नगरपालिका परिषद भवन की पहली मंजिल पर आग लगा दी गई और तोड़फोड़ की गई. मराठा आरक्षण कार्यकर्ताओं के एक अन्य समूह ने सोमवार शाम बीड शहर में राकांपा विधायक संदीप क्षीरसागर के आवासीय परिसर और कार्यालय में घुसकर आग लगा दी थी.

एक अन्य घटना में, प्रदर्शनकारियों ने बीड शहर में राज्य के पूर्व मंत्री जयदत्त क्षीरसागर के आवासीय परिसर में जबर्दस्ती घुसकर आग लगा दी और पथराव किया. मराठा आरक्षण प्रदर्शनकारियों की भीड़ अजित पावर गुट के नेता अमरसिंह पंडित के आवास के बाहर भी जमा हो गई थी और पुलिस को उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे.

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