भारत की नकल कर पाकिस्तान ने बनाई ‘कॉकरोच पार्टी’: किन मुद्दों पर लड़ेगा यह समूह, क्या है इसका प्लान?

इस्लामाबाद: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन का असर अब पाकिस्तान में भी दिखने लगा है। भारत के युवाओं के आइडिया को चुराते हुए सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच पार्टी पाकिस्तान’ नाम से खाता बनाया गया है। यह सोशल मीडिया खाता भ्रष्टाचार, खराब शासन और आर्थिक संकट के मुद्दों को उठा रहा है।

क्या है इस समूह का एजेंडा?
इस समूह का कहना है कि उसका एजेंडा आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता, अच्छी शिक्षा, देश के ऊर्जा संकट को हल करना और पानी की कमी की समस्या दूर करना है। इंस्टाग्राम पर इस समूह के खाते पर 1.12 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। आंदोलन का नारा है – पाकिस्तान इसके लोगों का है, भ्रष्ट माफियाओं का नहीं। समूह खुद को युवाओं की ओर से चलाया जा रहा एक ऐसा अभियान बताता है, जो एकता और बदलाव की बात करता है।
इंस्टाग्राम पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस खाते को मई में बनाया गया था और इसे कनाडा से चलाया जा रहा है। इसी महीने इसे सत्यापित (वेरिफाइड) भी किया गया है।

क्या राजनीति में उतरने की तैयारी है?
कॉकरोच पार्टी पाकिस्तान ने पार्टी के अलग-अलग पदों के लिए आवेदन भी मांगे हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह समूह सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अपना संगठन खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।

घोषणापत्र में समूह ने क्या कहा?
हाल ही में जारी किए गए अपने घोषणापत्र में समूह ने कहा कि यह आम पाकिस्तानियों खासकर युवाओं की आवाज है। ये लोग भ्रष्टाचार, परिवारवाद वाली राजनीति और ऐसी व्यवस्था से परेशान हैं, जहां कुछ खास लोगों को ज्यादा लाभ मिलता है। समूह ने पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक सुधारों को बढ़ावा देने का वादा किया है। साथ ही रोजगार बढ़ाने, शिक्षा, शासन व्यवस्था में सुधार और पाकिस्तान के ऊर्जा संकट के समाधान को अपनी प्राथमिकता बताया है।

क्या राजनीतिक बदलाव ला पाएगा समूह?
हालांकि, सोशल मीडिया पर इसकी बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद इस आंदोलन के वास्तविक जनसमर्थन, संगठन की ताकत और ऑनलाइन समर्थन को एक बड़े राजनीतिक प्रभाव में बदलने की क्षमता पर सवाल बने हुए हैं।
पाकिस्तान में क्यों बढ़ रही ऐसी नाराजगी?
ऐसे समूहों का सामने आना पाकिस्तान में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और शासन से जुड़ी परेशानियों के प्रति लोगों की नाराजगी को भी दिखाता है। पाकिस्तान की सैन्य-राजनीतिक व्यवस्था के आलोचकों का कहना है कि नागरिक मामलों में बार-बार सैन्य दखल से लोकतांत्रिक संस्थाएं और जवाबदेही कमजोर हुई है।
आलोचकों ने सेना प्रमुख असीम मुनीर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और व्यापक नागरिक-सैन्य व्यवस्था पर आरोप लगाया है कि वे महंगाई, बेरोजगारी, शासन की कमियों और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाल पाए हैं। उनका कहना है कि इससे सत्ता कुछ मजबूत राजनीतिक और संस्थागत समूहों के हाथों में बनी हुई है।

इस समूह के सामने आने के बाद पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के हाथ-पांव फूल गए हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी का एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहते सुनाई दे रहे हैं- अब एक नौजवान को आप कुछ भी कह सकते हैं, सिर्फ एक नौजवान या फिर कॉकरोच या फिर कुछ और। लेकिन सच्चाई यह है कि अगर ये कॉकरोच एकजुट हो गए तो ये सबकुछ उलट-पुलट कर देंगे।

नवकी ने पाकिस्तान आर्थिक सम्मेलन में कहा, हम वर्तमान में जिस व्यवस्था में रह रहे हैं, वो पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अब इस व्यवस्था में रहते हुए समाधान की उम्मीद नहीं की जा सकती है। अब जब तक बड़े सुधार नहीं होंगे, पाकिस्तान उन्हीं मुद्दों पर चर्चा करता रह जाएगा, जिस पर वो एक दशक पहले भी चर्चा करता था।

उन्होंने आगे कहा, पाकिस्तान के लोग भी ऐसी न्याय व्यवस्था चाहते हैं, जहां उन्हें समान अवसर मिले, जहां उनकी मेहनत का सम्मान हो। नकवी के मुताबिक, पाकिस्तान को अब ऐसी व्यवस्था चाहिए, जहां पर स्थानीय सरकारों को ज्यादा ताकत दी जाए।

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