मणिपुर में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर और दो दिन के लिए रोक

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 25 Nov 2024 08:24 PM
मणिपुर में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर और दो दिन के लिए रोक

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इंफाल. मणिपुर सरकार ने नौ जिलों में और दो दिन के लिए 27 नवंबर तक मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक को बढ़ा दिया है. गृह विभाग द्वारा जारी एक आदेश में यह जानकारी दी गई है. पूर्वोत्तर राज्य में 16 नवंबर को हिंसा बढ़ने के बाद, प्रशासन ने असामाजिक तत्वों को कानून व्यवस्था की समस्या पैदा कर सकने वाली सामग्री का प्रसार करने से रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं दो दिन के वास्ते निलंबित कर दी थीं. तब से, इसे कई बार विस्तारित किया गया है.

आदेश में कहा गया है, ”राज्य सरकार ने मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के बाद जनहित में इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, काकचिंग, बिष्णुपुर, थौबल, चुराचांदपुर, कांगपोकपी, फेरजावल और जिरीबाम में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को और दो दिनों के लिए निलंबित रखने का फैसला किया है.” तीन महिलाओं और तीन बच्चों के शव बरामद होने पर राज्य में हिंसा भड़कने के बाद 16 नवंबर को मोबाइल फोन और ब्रॉडबैंड, दोनों पर इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं. राज्य सरकार ने आम लोगों, स्वास्थ्य सुविधाओं, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य कार्यालयों को होने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए 19 नवंबर को ब्रॉडबैंड सेवाओं पर से निलंबन हटा लिया था.

मणिपुर के ‘इंफाल ईस्ट’ जिले में महिलाओं ने अफस्पा के खिलाफ रैली निकाली

मणिपुर के ‘इंफाल ईस्ट’ जिले में हजारों महिलाओं ने कफ्र्यू के आदेशों की अवहेलना करते हुए सोमवार को रैली निकाली और राज्य से सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफस्पा) 1958 को हटाने की मांग की. ‘इंफाल ईस्ट’ जिले के स्थानीय संगठनों और ‘मीरा पैबी’ ने इस रैली का आयोजन किया, जिसमें महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर ह्लराज्य से अफस्पा हटाओ”, ह्लकठोर कानून लागू करना बंद करोह्व तथा पूर्वोत्तर राज्य में ह्लमहिलाओं और बच्चों की हत्याओं को रोकनेह्व जैसे नारे लगाए.

यह रैली कोंगबा बाजार से शुरू हुई और तीन किलोमीटर पहुंचने के बाद तथा मुख्यमंत्री सचिवालय से मात्र एक किलोमीटर दूर कोनुंग ममांग में सुरक्षाबलों ने इसे रोक दिया. ‘मीरा पैबी’ की सदस्य बबीना मैबाम ने संवाददाताओं से कहा, ”हम यहां के मूल लोगों के निरंतर दमन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं… हम अतीत में किए गए उन अन्यायों और क्रूरताओं का फिर से सामना नहीं करना चाहते. उच्चतम न्यायालय में फर्जी मुठभेड़ के मामले लंबित हैं. हाल ही में छह पुलिस थानों के अंतर्गत क्षेत्रों में अफस्पा को फिर से लागू करना दिखाता है कि केंद्र केवल लोगों के दुखों को और बढ़ाना चाहता है.”

अफस्पा के तहत, सशस्त्र बल अशांत क्षेत्रों में तलाशी ले सकते हैं, गिरफ्तार कर सकते हैं तथा यदि उन्हें लोक व्यवस्था बनाए रखने के लिए गोलीबारी करने की जरुरत पड़ती है तो अफस्पा उन्हें ये करने का अधिकार देता है. केंद्र ने हिंसा प्रभावित जिरीबाम सहित मणिपुर के छह पुलिस थाना क्षेत्रों में अफस्पा को हाल ही में फिर से लागू कर दिया.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि मणिपुर में जारी जातीय हिंसा के कारण लगातार अस्थिर हो रही स्थिति को देखते हुए अफस्पा को लागू किया गया है. जिन पुलिस थाना क्षेत्रों में अफस्पा को फिर से लागू किया गया है, उनमें इंफाल वेस्ट का सेकमई और लामसांग, इंफाल ईस्ट का लाम्लाइ, जिरीबाम जिले का जिरीबाम, कांगपोकपी का लीमाखोंग और बिष्णुपुर जिले का मोइरांग शामिल है.

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