मोदी ने कोविड, इन्फ्लूएंजा की स्थिति पर समीक्षा बैठक की; कोविड-उपयुक्त व्यवहार पर दिया जोर

नयी दिल्ली. देश में पिछले दो सप्ताह में इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई और अधिकारियों को जीनोम अनुक्रमण बढ़ाने तथा लोगों के कोविड-उपयुक्त व्यवहार अपनाने पर जोर दिया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना वायरस के 1,134 नये मामले दर्ज किये गये हैं, वहीं उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 7,026 पहुंच गयी है.

सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के अनुसार संक्रमण से पांच लोगों की मौत होने के साथ मृतक संख्या 5,30,813 हो गयी है. अद्यतन आंकड़ों में छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र में मौत का एक-एक मामला दर्ज किया गया, जबकि केरल में पूर्व में सामने आये मौत के एक मामले में कोविड-19 की पुष्टि होने पर उसे संबंधित आंकड़ों में शामिल किया गया.

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक बयान के अनुसार, मोदी ने देश में कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा की स्थिति और उससे निपटने के लिए स्वास्थ्य ढांचे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बैठक बुलाई. उन्होंने टीकाकरण अभियान की स्थिति, कोविड-19 के नये स्वरूपों तथा इन्फ्लूएंजा के प्रकारों के उभरने और देश के लिए उनके जन स्वास्थ्य प्रभावों की भी समीक्षा की.

देश में इन्फ्लूएंजा के मामलों में वृद्धि तथा पिछले दो सप्ताह में कोविड के मामले बढ़ने की पृष्ठभूमि में उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हुई.
बैठक में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने भारत में बढ़ते मामलों समेत वैश्विक कोविड स्थिति पर एक व्यापक प्रस्तुतीकरण दिया.
प्रधानमंत्री को बताया गया कि भारत में संक्रमण के नये मामलों में थोड़ी वृद्धि हुई है और रोजाना औसतन 888 मामले आ रहे हैं. वहीं, 22 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में साप्ताहिक संक्रमण दर 0.98 प्रतिशत रही. हालांकि इसी सप्ताह दुनियाभर में औसतन रोजाना 1.08 लाख मामले सामने आये हैं.

बयान के अनुसार, गत 22 दिसंबर, 2022 को कोविड की पिछली समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशों पर की गयी कार्रवाई के बारे में भी बैठक में जानकारी दी गयी. उन्हें बताया गया कि कोविड संबंधी 20 मुख्य दवाओं, 12 अन्य दवाओं, आठ बफर दवाओं तथा इन्फ्लूएंजा की एक दवा की उपलब्धता और उसके दाम पर नजर रखी जा रही है.

गत 27 दिसंबर, 2022 को 22,000 अस्पतालों में मॉक ड्रिल भी की गयी थी और उसके बाद अस्पतालों ने अनेक उपाय किये.
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी को इन्फ्लूएंजा की स्थिति से अवगत कराया गया, विशेष रूप से पिछले कुछ महीने में एच1एन1 और एच3एन2 के मामलों की अधिक संख्या के संबंध में जानकारी दी गयी.

मोदी ने अधिकारियों को संक्रमण के पुष्ट नमूनों का इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इन्साकॉग) की प्रयोगशालाओं में जीनोम अनुक्रमण कराने को कहा. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मोदी ने कहा कि इससे नये स्वरूपों पर नजर रखने और समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी.

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयोगशाला निगरानी बढ़ाने, गंभीर घातक श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) के सभी मामलों की जांच करने और जीनोम अनुक्रमण को तेज करने का आह्वान किया. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वरिष्ठ नागरिकों और अन्य बीमारियों से ग्रस्त लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाएं.

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