
नयी दिल्ली/मुंबई. कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी” उसके नेतृत्व के खिलाफ उत्पीड़न, धमकी और प्रतिशोध की राजनीति जारी रखे हुए है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि ‘नेशनल हेराल्ड’ का मामला पूरी तरह फर्जी है और आखिरकार न्याय की जीत होगी.
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. यह कार्रवाई एजेंसी की धन शोधन जांच का हिस्सा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पार्टी के शीर्ष नेताओं ने ”निजी लाभ” के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”मोदी-शाह की जोड़ी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ उत्पीड़न, धमकी और प्रतिशोध की अपनी राजनीति जारी रखे हुए है. जो लोग धमकी देते हैं वे स्वयं असुरक्षित और भयभीत होते हैं.” उन्होंने दावा किया कि ‘नेशनल हेराल्ड’ मामला पूरी तरह से फर्जी मामला है. उनका कहना है, ”आख.रिकार न्याय की जीत होगी. सत्यमेव जयते.”
सोनिया और राहुल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने में कोई राजनीति नहीं: आठवले
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा है कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नयी प्राथमिकी जांच पर आधारित है. उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार की किसी भी भूमिका से इनकार किया. सामाजिक न्याय राज्य मंत्री आठवले ने संवाददाताओं से कहा, ”नेशनल हेराल्ड लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा रहा है और इससे जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर कई बार सार्वजनिक रूप से चर्चा हो चुकी है. प्रवर्तन निदेशालय और अन्य जांच एजेंसियों ने जांच की थी तथा अपने निष्कर्षों के आधार पर आरोप लगाए थे.” दिल्ली पुलिस ने नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर सोनिया, राहुल और अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. एजेंसी का यह कदम उसकी धन शोधन जांच का हिस्सा है.
आठवले ने कहा, ”यह पूरी तरह से कानूनी मामला है. केंद्र सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है. किसी को भी इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए.” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जांच एजेंसियों का नियमित कामकाज है. उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी को लगता है कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी गलत है, तो वह अपने वकीलों के जरिये अदालत में अपनी दलीलें पेश कर सकते हैं.
सर्वदलीय बैठक महज औपचारिकता है : रमेश
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक महज एक औपचारिकता है. रमेश ने कहा कि विपक्ष से विचार विमर्श के बिना ही एक विषय पर अल्पकालिक चर्चा का फैसला कर लिया गया.
कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “कल से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के एजेंडे पर चर्चा के लिए मोदी सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक महज औपचारिकता है. 15 दिनों का यह सत्र संसदीय इतिहास का सबसे छोटा सत्र होगा.” उन्होंने कहा, “मोदी सरकार ने 13 विधेयकों को पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है. इनमें से एक अध्यादेश की जगह लेता है और दो लोकसभा की समिति के माध्यम से पारित हो चुके हैं. इसलिए संबंधित स्थायी समिति द्वारा दस विधेयकों की जांच नहीं की गई है.” रमेश का कहना है कि नि?संदेह यह संभव है कि वर्तमान में सूचीबद्ध नहीं किया गया विधेयक अचानक संक्षिप्त सत्र के आंख.रि में पेश किया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने विपक्ष के साथ बिना किसी परामर्श के एक विषय को अल्पकालिक चर्चा के लिए सूचीबद्ध करके अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं.



