मोहन भागवत का बयान हमारे लिए ‘मार्गदर्शन’: केशव प्रसाद मौर्य

नयी दिल्ली. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा हिन्दू समाज में जाति व्यवस्था को लेकर दिए गए बयान को ‘‘हम लोग मार्गदर्शन मानते हैं’’. मौर्य की गिनती अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से ताल्लुक रखने वाले भाजपा के प्रमुख नेताओं में होती है.

आरएसएस प्रमुख ने मुंबई में रविवार को एक कार्यक्रम में कहा था, ‘‘भगवान ने हमेशा बोला है मेरे लिए सभी एक हैं. उनमें कोई जाति वर्ण नही हैं, लेकिन पंडितों ने श्रेणी बनाई, वह गलत था. भारत देश हमारे ंिहदू धर्म के अनुसार चलकर बड़ा बने और वह दुनिया का कल्याण करे. ंिहदू और मुसलमान सभी एक हैं.’’ मौर्य ने संसद भवन परिसर में पीटीआई-भाषा द्वारा भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर कहा, ‘‘मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयंसेवक हूं और परमपूज्य सरसंघचालक जी जब कुछ कहते हैं तो एक स्वयंसेवक के नाते हमलोग मार्ग दर्शन मानते हैं.’’ उन्होंने हालांकि भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया.

उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक उस पर टिप्पणी की बात है तो मैं पूज्य सरसंघचालक जी के किसी बयान पर टिप्पणी करूं, यह उचित नहीं है. ’’ विपक्षी दलों के नेताओं ने हालांकि भागवत के बयान के मद्देनजर आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को निशाने पर लिया और कहा कि उनके बयान की झलक उनके संगठन और भाजपा सरकारों के कार्यों और उनकी कार्यसंस्कृति में दिखनी चाहिए.

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, ‘‘मोहन भागवत जी का बयान सिर्फ बयान ही है. मजा तो तब आए जब उसमें मंशा दिखे, कार्रवाई में वह दिखे और कार्यशैली में दिखे. कार्यशैली में दिखता नहीं है. जातिगत जनगणना पर तो कुंडली मारकर बैठे हुए हैं.’’ उन्होंने भागवत से कहा कि वह ऐसी संस्कृति बहाल करें जिससे जातिगत अत्याचार और असमानता समाप्त हो.

राजद नेता ने कहा, ‘‘असमानता के महासागर में आपने समृद्धि के पांच टापू बनाए हैं. उसमें एक टापू को ंिहडनबर्ग थोड़ा एक्सपोज कर रहा है. इसको खत्म करिए.’’ झा का इशारा अडाणी समूह के ऊपर लगे वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों पर था. अडाणी समूह ने ंिहडनबर्ग के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय ंिसह ने संघ प्रमुख से सवाल किया कि वह किस शास्त्र के हवाले से जाति व्यवस्था के बारे में बोल रहे थे.

ंिसह ने कहा, ‘‘हम तो मोहन भागवत जी से यह पूछना चाहते हैं कि कौन से शास्त्र झूठ बोल रहे हैं. उन्होंने कहा है कि शास्त्र झूठ बोल रहे हैं. हम जानना चाहते हैं कि कौन सा शास्त्र है, जो झूठ बोल रहा है. मैं यह जानना चाहता हूं.’’ राजस्थान के अलवर से भाजपा के सांसद बालक नाथ ने भागवत के बयान को ‘‘यथार्थ’’ करार दिया और आरोप लगाया कि यह कांग्रेस है जो राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को जाति के आधार पर बांटती आई है.

उन्होंने कहा, ‘‘मोहन भागवत जी ने बात कही है वह सनातन की बात की है. सनातन में ये कहीं भी वर्णन नहीं है कि वर्ण या कोई जाति व्यव्स्था है. जाति व्यवस्था लोगों ने अपने-अपने कार्य के मुताबिक समय के मुताबिक व्यवस्थित की है. उन्होंने यथार्थ कहा है कि भगवान ने पूरी पृथ्वी की, ब्रह्मांड की और सृष्टि की रचना की है. उसमें सबसे उत्तम रचना मनुष्य की है.’’ नाथ ने कहा, ‘‘उनके जो बयान हैं वह यथार्थ हैं और सही है. उन्होंने सही दिशा में और सही रूप में भगवान के विचार को और सनातन धर्म को जनता के बीच रखा है.’’ भारतीय राजनीति में जातिवाद के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में भाजपा सांसद ने कहा कि यह तो कांग्रेस का किया धरा है.

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस, मुगलों के बाद अंग्रेजों की परिपाटी पर ही चलती आई है. जाति को जाति से लड़ाना. जाति बिरादरी के नाम पर लोगों को बांटना. कांग्रेस ने ही तो बताया कि तुम कौन हो? भाजपा तो अभी आई है. उसने भारत को अखंड और एकजुट किया है. कांग्रेस ने सत्ता प्रेम और स्वार्थ के लिए लोगों को बांटा और लड़ाया.’’

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