डी के शिवकुमार के खिलाफ धनशोधन मामला खारिज, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री ने शीर्ष अदालत को धन्यवाद कहा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 05 Mar 2024 09:45 PM
डी के शिवकुमार के खिलाफ धनशोधन मामला खारिज, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री ने शीर्ष अदालत को धन्यवाद कहा
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नयी दिल्ली/बेंगलुरु. उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार और मामले में एक अन्य आरोपी के खिलाफ 2018 का धनशोधन का एक मामला मंगलवार को रद्द कर दिया. शिवकुमार ने अपने खिलाफ धनशोधन जांच को रद्द करने के लिए शीर्ष अदालत को धन्यवाद दिया और कहा कि केंद्रीय एजेंसियां आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की योजना बना रही हैं, लेकिन वह भी इसके लिए तैयार हैं.

कांग्रेस नेता शिवकुमार ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के 2019 के उस आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया था, जिसने धनशोधन के एक कथित मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन को रद्द करने से इनकार कर दिया था. न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया और शिवकुमार और कर्नाटक भवन (दिल्ली) के कर्मचारी ए हनुमंथैया द्वारा दायर अपील मंजूर कर ली. पीठ ने कहा, “अपील मंजूर की जाती है, पीएमएलए के तहत अपीलकर्ताओं के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही रद्द की जाती है.”

शिवकुमार कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के प्रमुख भी हैं. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही लोगों को बताएंगे कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उन्हें कैसे निशाना बनाया. उन्होंने बेंगलुरु में संवाददाताओं से कहा, “मुझे उच्चतम न्यायालय से राहत के बारे में जानकारी मिली. मुझे पता चला कि मेरे खिलाफ बनाए गए मामले गलत पाए गए. जीवन में कई कठिनाइयों के बाद आज खुशी का दिन है.” यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि आगे का सफर अब आसान है, शिवकुमार ने कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा कि सफर कठिन था.

उन्होंने कहा, “मैं आत्मविश्वास के साथ जेल गया. वे मुझे जितना अधिक परेशान करेंगे, मैं राजनीतिक रूप से उतना ही ऊपर उठूंगा.” उन्होंने कहा, “मैं यहां से उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों के सामने साष्टांग प्रणाम करता हूं. मैं कहता रहा हूं कि मैंने कुछ नहीं किया, लेकिन फिर भी मुझे कई समस्याओं का सामना करना पड़ा.” हनुमंथैया के साथ शिवकुमार के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कथित अपराधों के लिए मामला दर्ज किया गया था.

यह मामला अगस्त 2017 का है, जब आयकर विभाग ने शिवकुमार, उनके कथित व्यापारिक सहयोगी और शराब व्यापारी सचिन नारायण, लक्जरी बसों का बेड़ा चलाने वाले एक अन्य सहयोगी सुनील कुमार शर्मा, कर्नाटक भवन (दिल्ली) के कर्मचारी ए हनुमंथैया और राज्य सरकार के पूर्व कर्मचारी राजेंद्र एन. के खिलाफ कथित कर चोरी की अपनी जांच के तहत दिल्ली में कई परिसरों में छापेमारी की थी.

छापेमारी के दौरान विभाग ने 8.59 करोड़ रुपये से अधिक जब्त किए थे, जिनमें से करीब 41 लाख रुपये को शिवकुमार और करीब 7.58 लाख रुपये को शर्मा की कर देनदारी के रूप में समायोजित किया गया है, क्योंकि उन्होंने राशि को क्रमश? अपनी कृषि आय और व्यावसायिक आय के तौर पर दिखाया था. बाद में कर विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ कर चोरी के आरोप में बेंगलुरु की एक अदालत के समक्ष आरोप पत्र दायर किया और प्रवर्तन निदेशालय ने 2018 में इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए धनशोधन का एक मामला दर्ज किया.

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