सूरजकुंड. केंद्र द्वारा बृहस्पतिवार को यहां आयोजित राज्यों के गृहमंत्रियों के चिंतन शिविर में अपने प्रदेशों में गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे ज्यादातर गैर भाजपा मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा नहीं लिया. गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे गैर-भाजपा मुख्यमंत्रियों में ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल), नीतीश कुमार (बिहार), नवीन पटनायक (ओडिशा) और एम के स्टालिन (तमिलनाडु) और अशोक गहलोत (राजस्थान) हैं, जो बैठक में शामिल नहीं हुए.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में केवल दो गैर-भाजपा मुख्यमंत्री- पंजाब के भगवंत मान और केरल के पिनराई विजयन शामिल हुए. मान आम आदमी पार्टी (आप) के और विजयन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता हैं.
कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू बैठक में शामिल हुए, लेकिन विपक्ष शासित राज्य तेलंगाना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली इसमें शामिल नहीं हुए.
गैर-भाजपा राज्यों का प्रतिनिधित्व या तो कैबिनेट मंत्री या गृह विभाग के प्रभारी राज्य मंत्री अथवा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया. भाजपा के मुख्यमंत्रियों बसवराज बोम्मई (कर्नाटक) और भूपेंद्र पटेल (गुजरात) भी बैठक में शामिल नहीं हुए. बृहस्पतिवार को शुरू हुए दो दिवसीय सम्मेलन में मान और विजयन के अलावा भाग लेने वाले मुख्यमंत्रियों में मनोहर लाल खट्टर (हरियाणा), योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), हेमंत विश्व शर्मा (असम), एन बीरेन ंिसह (मणिपुर), प्रमोद सावंत (गोवा), माणिक साहा (त्रिपुरा), पुष्कर ंिसह धामी (उत्तराखंड) और प्रेम ंिसह तमांग (सिक्किम) शामिल हैं. तमांग के अलावा सभी मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हैं. तमांग राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा से हैं.
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित और जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा भी बैठक में शामिल हुए. बैठक में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और नगालैंड के उपमुख्यमंत्री वाई पैटन भी शामिल हुए. अधिकारियों के अनुसार, चिंतन शिविर के दौरान साइबर अपराधों की जांच, महिला सुरक्षा और तटीय सुरक्षा सुनिश्चित करने सहित आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.