मप्र : ‘लव जिहाद’ मामले में जेल में बंद कांग्रेस पार्षद की सदस्यता दो-तिहाई बहुमत के बूते खत्म

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 09 Oct 2025 07:35 PM
मप्र : ‘लव जिहाद’ मामले में जेल में बंद कांग्रेस पार्षद की सदस्यता दो-तिहाई बहुमत के बूते खत्म
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इंदौर. मध्यप्रदेश के इंदौर में ‘लव जिहाद’ के कथित वित्तपोषण के मामले में न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की सदस्यता समाप्त करने से जुड़ा प्रस्ताव बृहस्पतिवार को नगर निगम के परिषद सम्मेलन के दौरान दो-तिहाई बहुमत से पारित हो गया. ‘लव जिहाद’ मामले में कथित तौर पर शामिल होने के कारण किसी पार्षद की सदस्यता समाप्त किए जाने का यह देश में संभवत: पहला मामला है.

‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी संगठन यह दावा करने के लिए करते हैं कि मुस्लिम पुरुष अन्य धर्मों की महिलाओं को इस्लाम में धर्मांतरित करने के लिए प्रेम के जाल में फंसाते हैं. नगर निगम के परिषद सम्मेलन के दौरान सभापति मुन्नालाल यादव ने कांग्रेस पार्षद कादरी की सदस्यता समाप्त किए जाने से जुड़े प्रस्ताव को दो-तिहाई बहुमत के आधार पर पारित किए जाने की घोषणा की.

इंदौर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मजबूत गढ. माना जाता है और नगर निगम पर भी पार्षदों की संख्या के लिहाज से भाजपा का वर्चस्व है. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने संवाददाताओं से कहा, ”जेल में बंद कादरी पर ‘लव जिहाद’ के लिए धन का इंतजाम करने और अन्य गंभीर आरोपों में कई मामले दर्ज हैं. उनका पार्षद बने रहना शहर और नगर निगम, दोनों के हित में नहीं था.” भार्गव ने बताया कि मध्यप्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 के संबद्ध प्रावधानों के तहत दो-तिहाई बहुमत के आधार पर पारित प्रस्ताव के जरिये कादरी की पार्षदी खत्म कर दी गई है.

महापौर ने यह भी कहा कि कादरी के खिलाफ गंभीर आरोपों को लेकर खामोश कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि क्या यह पार्टी ‘लव जिहाद’ के समर्थन में है? कादरी के खिलाफ पेश प्रस्ताव पर चर्चा से पहले ही कांग्रेस का पार्षद दल सदन छोड़कर चला गया और बाहर धरने पर बैठ गया.

नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा, ”निगम परिषद को किसी चुने हुए पार्षद (कादरी) को इस तरह हटाने का कोई अधिकार नहीं है.” उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा शहर में बदहाल यातायात व्यवस्था, सड़कों के गड्ढों और घटिया ड्रेनेज प्रणाली जैसे बुनियादी मुद्दों पर बात नहीं करना चाहती और केवल सांप्रदायिक राजनीति करती है.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ‘लव जिहाद’ के कथित वित्तपोषण के मामले में करीब ढाई महीने फरार रहने के बाद कादरी ने 29 अगस्त को जिला न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था और औपचारिक गिरफ्तारी के बाद वह फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत स्थानीय जेल में बंद हैं. अधिकारी ने बताया कि शहर के दो युवकों-साहिल शेख और अल्ताफ शाह ने जून के दौरान पुलिस की पूछताछ में कथित तौर पर स्वीकार किया था कि युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरित कराने के लिए उन्हें कादरी ने कुल तीन लाख रुपये दिए थे और यह रकम दोनों ने युवतियों पर खर्च की थी.

अधिकारी के मुताबिक, दोनों युवकों को अलग-अलग मामलों में दो युवतियों से दुष्कर्म और अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया गया था.
उन्होंने बताया कि दोनों युवकों के बयान के आधार पर कादरी के खिलाफ धन के दम पर धर्मांतरण की साजिश में शामिल होने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद वह फरार हो गए थे. अधिकारी ने बताया कि कादरी की गिरफ्तारी पर 40 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था और उन पर सख्त प्रावधानों वाला राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) भी लगा दिया गया था. अधिकारी के अनुसार, कादरी के खिलाफ शहर के अलग-अलग पुलिस थानों में 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं.

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