
मुंबई/नयी दिल्ली. रिलायंस समूह के प्रमुख मुकेश अंबानी ने अपनी उत्तराधिकार योजना पर अमल शुरू करते हुए सोमवार को कहा कि पुत्री ईशा और पुत्र आकाश तथा अनंत को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक मंडल में शामिल किया गया है. अब तक अंबानी परिवार के तीनों युवा उद्यमी सिर्फ परिचालन एवं व्यवसाय-स्तर से ही जुड़े हुए थे. उनमें से कोई भी देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी के निदेशक मंडल का हिस्सा नहीं था.
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में इन तीनों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई. सालाना आमसभा (एजीएम) से पहले हुई निदेशक मंडल की बैठक में ईशा, आकाश और अनंत को कंपनी में गैर-कार्यकारी निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी गयी.
दिग्गज उद्योगपति 66 वर्षीय मुकेश अंबानी ने पिछले साल अपने बड़े बेटे आकाश अंबानी को देश की सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लि. का चेयरमैन बनाने का रास्ता साफ कर दिया था. जियो इन्फोकॉम, जियो प्लेटफॉर्म्स की अनुषंगी है. जियो प्लेटफार्म्स में मेटा और गूगल जैसी कंपनियों की भी हिस्सेदारी है. इस कंपनी के मुखिया अभी मुकेश अंबानी ही हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. जियो प्लेटफॉर्म्स की मूल कंपनी है.
आकाश की जुड़वां बहन 31 वर्षीय ईशा को रिलायंस की खुदरा इकाई और छोटे पुत्र अनंत को नये ऊर्जा कारोबार की अगुवाई के लिये चुना गया था. अंबानी की तीनों संतानें संबंधित कंपनियों के निदेशक मंडल में शामिल थीं लेकिन पहली बार वे मूल कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल हुए हैं.
रिलायंस ने एक बयान में कहा कि उनकी नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी के बाद उनके कार्यभार संभालने के पश्चात प्रभाव में आएगी.
कंपनी अपने शेयरधारकों से मुकेश अंबानी को पांच साल के एक और कार्यकाल यानी अप्रैल 2029 तक चेयरमैन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने की मांग कर रही है. उनकी पत्नी नीता अंबानी भी आरआईएल के निदेशक मंडल में शामिल थीं लेकिन अपनी संतानों के लिये जगह बनाने के लिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया है.
बयान के मुताबिक, ”निदेशक मंडल ने नीता अंबानी के फैसले का सम्मान करते हुए निदेशक मंडल से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. इसका मकसद यह भी है कि नीता अंबानी रिलायंस फाउंडेशन को भारत के लिये अधिक असरदार बनाने और मार्गदर्शन करने के लिये अपनी ऊर्जा और समय दे सकें.” अमेरिका के प्रतिष्ठित विश्विविद्यालयों से शिक्षित अंबानी की संतानों को पिछले कुछ साल में रिलायंस के तीन कारोबार खंडों- तेल एवं रसायन, दूरसंचार और खुदरा – में नेतृत्व की स्थिति के लिये तैयार किया गया है.
खुदरा और डिजिटल सेवाएं अलग-अलग पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों में स्थित हैं जबकि तेल एवं रसायन कारोबार रिलायंस का प्रमुख कारोबार है. नवीन ऊर्जा कारोबार भी मूल कंपनी के पास है. तीनों व्यवसायों का आकार लगभग बराबर है. आकाश और ईशा दोनों बतौर निदेशक समूह के खुदरा और दूरसंचार कारोबार से जुड़े हैं. वहीं अनंत निदेशक के रूप में नवीकरणीय ऊर्जा और तेल तथा रसायन कारोबार में शामिल रहे हैं.
नई पीढ़ी को निदेशक मंडल में शामिल करने की घोषणा इसका स्पष्ट संकेत है कि मुकेश अंबानी भविष्य में अपने बच्चों को कमान सौंपने की तैयारी कर रहे हैं. आकाश और ईशा रिलायंस रिटेल वेंचर्स लि. और ऑनलाइन रिटेल कारोबार जियो मार्ट तथा डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लि. के निदेशक मंडल में अक्टूबर 2014 से हैं. वहीं 27 साल के अनंत को हाल में रिलायंस रिटेल वेंचर्स लि. में बतौर निदेशक शामिल किया गया है. वह जियो प्लेटफॉर्म्स लि. में मई 2020 से निदेशक हैं.
जियो फाइनेंशियल र्सिवसेज का नेटवर्थ 1.2 लाख करोड़ रुपये : अंबानी
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सोमवार को कहा कि जियो फाइनेंशियल र्सिवसेज 1.2 लाख करोड़ रुपये के नेटवर्थ के साथ पूंजीकृत है. उन्होंने दावा किया कि यह दुनिया में सबसे अधिक पूंजी के साथ शुरुआत करने वाले वित्तीय सेवा मंचों में शामिल है. कंपनी की वार्षिक आमसभा में अंबानी ने कहा कि जेएफएस उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए सर्वव्यापी पेशकश के साथ अपने भुगतान के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, जिससे भारत में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा.
उन्होंने कहा, ” जेएफएस उत्पाद न केवल उद्योग की मौजूदा कंपनियों को टक्कर देंगे, बल्कि ‘ब्लॉकचेन-आधारित मंच’ और सीबीडीसी जैसी खूबियों का भी इस्तेमाल करेंगे.” अंबानी ने कहा, ” जेएफएस सरल, ‘स्मार्ट’, सामान्य स्वास्थ्य बीमा पेश करने के लिए बीमा क्षेत्र में भी प्रवेश करेगी.” उन्होंने कहा कि जियो और खुदरा की तरह, जेएफएस भी ग्राहकों को बेहतरीन सेवाएं प्रदान करेगी.
अंबानी ने कहा, ” यह अत्यधिक पूंजी-गहन कारोबार है. रिलायंस ने शुरुआत में दुनिया के सबसे अधिक पूंजी वाले वित्तीय सेवा मंचों में से एक बनाने के लिए जेएफएस को 1,20,000 करोड़ रुपये के कुल नेटवर्थ के साथ पूंजीकृत किया है.”
जियो प्लेटफॉर्म्स देगी हर किसी को हर जगह एआई समाधान? अंबानी
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सोमवार को कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स विभिन्न क्षेत्रों में भारत-केंद्रित कृत्रिम मेधा (एआई) मॉडल और एआई-संचालित समाधानों के विकास प्रयासों का नेतृत्व करना चाहती है ताकि देश के नागरिक, कारोबार और सरकार नए दौर की इस प्रौद्योगिकी से लाभान्वित हो सकें.
अंबानी ने आरआईएल के शेयरधारकों की सालाना आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स ‘हर किसी को, हर जगह एआई’ का वादा करती है. उन्होंने कृत्रिम मेधा (एआई) को जियो के विकास का सबसे रोमांचक मोर्चा बताते हुए इससे संबंधित महत्वाकांक्षी योजनाओं की रूपरेखा पेश की. अंबानी ने टिकाऊ तौर-तरीकों और हरित भविष्य की दिशा में बढ़ने का जिक्र करते हुए क्लाउड और एज दोनों स्थानों पर 2,000 मेगावाट तक एआई-सक्षम कंप्यूटिंग क्षमता स्थापित करने कंपनी की प्रतिबद्धता जताई.
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर एआई क्रांति पूरी दुनिया को नया आकार दे रही है और इसका समझदार इस्तेमाल उद्योगों, अर्थव्यवस्थाओं और रोजमर्रा की जिंदगी को भी नए सिरे से परिभाषित और क्रांतिकारी बदलाव लाने का काम करेगा.
अंबानी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए भारत को नवाचार, वृद्धि और राष्ट्रीय समृद्धि के लिए एआई का इस्तेमाल करना चाहिए.
उन्होंने कहा, ”अपने देशवासियों से यह मेरा वादा है. सात साल पहले जियो ने हर किसी को हर जगह ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देने का वादा किया था. हमने इस वादे को पूरा किया है. आज जियो हर किसी को हर जगह एआई का वादा करती है. और हम इसे पूरा करेंगे.” रिलायंस समूह के भीतर भी एआई में नवीनतम वैश्विक नवाचारों, खासकर जेनरेटिव एआई में हालिया प्रगति को तेजी से आत्मसात करने के लिए प्रतिभाओं और क्षमताओं को बढ़ाया जा रहा है.
रिलायंस चेयरमैन ने कहा, ”जियो प्लेटफार्म्स भारत-केंद्रित एआई मॉडल और डोमेन में एआई-संचालित समाधानों के विकास की कोशिश का नेतृत्व करना चाहता है जिससे भारतीय नागरिकों, व्यवसायों और सरकार को समान रूप से एआई प्रौद्योगिकी का लाभ मिल सके.” अंबानी ने कहा कि इसके लिए भारत के पास बड़ी प्रतिभा, डेटा और पैमाना मौजूद है. उन्होंने कहा, ”लेकिन हमें भारत में डिजिटल बुनियादी ढांचे की भी जरूरत है जो एआई की व्यापक मांगों को संभाल सके… उन्होंने कहा कि रिलायंस की अगले पांच वर्षों में कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं में अपने अधिकांश ऊर्जा उपभोग को हरित ऊर्जा में बदलने की योजना है जो पर्यावरण-अनुकूल होने के साथ कम लागत वाली भी है.
जियो 5जी दिसंबर तक पूरे देश में, ‘गणेश चतुर्थी’ पर ‘जियो एयर फाइबर’ पेश करेंगे : मुकेश अंबानी
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सोमवार को कहा कि रिलायंस जियो की 5जी सेवाओं ने दुनिया में सबसे तेज शुरुआत की है और कंपनी इस साल दिसंबर तक इसे पूरे देश में पहुंचाने के लिए सही राह पर है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक मंडल की 46वीं आमसभा (एजीएम) में अंबानी ने कहा कि जियो की 5जी सेवाएं इस साल दिसंबर तक पूरे देश में उपलब्ध होंगी. देश में पांच करोड़ से अधिक लोग जियो के 5जी नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस तरह 5जी के मामले में जियो अपनी अन्य प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से आगे है.
इस मौके पर उन्होंने ‘जियो एयर फाइबर’ को 19 सितंबर यानी ‘गणेश चतुर्थी’ के दिन पेश करने की घोषणा भी की. अंबानी ने कहा, ” एक करोड़ से अधिक परिसर हमारी ऑप्टिकल फाइबर सेवा जियो फाइबर से जुड़े हैं. अब भी लाखों परिसर ऐसे हैं जहां वायर कनेक्टिविटी देना मुश्किलों भरा है. जियो एयर फाइबर इस मुश्किल को आसान करेगी. इसके जरिये हम 20 करोड़ घरों और परिसरों तक पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं. जियो एयर फाइबर के आने से हर दिन जियो 1.5 लाख नए ग्राहक जोड़ पाएगी.” जियो का ऑप्टिकल फाइबर ढांचा पूरे भारत में 15 लाख किलोमीटर तक फैला हुआ है. ऑप्टिकल फाइबर पर ग्राहक औसतन प्रति माह 280 जीबी से अधिक डेटा का उपयोग करते हैं, जो जियो की प्रति व्यक्ति मोबाइल डेटा खपत से 10 गुना अधिक है.
आम सभा में ‘जियो ट्रू 5जी डेवलपर प्लेटफॉर्म’ और ‘जियो ट्रू 5जी लैब’ को जारी करने की घोषणा भी की गई. अंबानी ने कहा, ” हम एक ऐसा मंच बना रहे हैं जो भारतीय उद्यमों, छोटे व्यवसायों और प्रौद्योगिकी स्टार्टअप के डिजिटल दुनिया के साथ मेलजोल के तरीकों को बदल देगा. उद्यमों की जरूरतों को ध्यान में रख कर जियो ने 5जी नेटवर्क, एज कंप्यूटिंग और एप्लिकेशंस को मिलाकर एक व्यापक मंच बनाया है.” उन्होंने कहा, ” दूसरी आरे ‘जियो ट्रू 5जी लैब’ में हमारे प्रौद्योगिकी भागीदार, उद्योगों को लिए विशिष्ट समाधानों का विकास, परीक्षण और सह-निर्माण कर सकते हैं. यह रिलायंस कॉरपोरेट पार्क नवी मुंबई में स्थित होगा.”



