
मुंबई. महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में सैंडहर्स्ट रोड रेलवे स्टेशन के पास बृहस्पतिवार को एक उपनगरीय ट्रेन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शाम करीब सात बजे हुई. इससे कुछ समय पहले ही नौ जून की मुंब्रा दुर्घटना मामले में दो इंजीनियरों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को लेकर कर्मचारी संघों की हड़ताल के कारण मध्य रेलवे पर उपनगरीय ट्रेन सेवा बाधित हुई थी.
रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, ”अस्पताल में दो लोगों को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि तीन घायल हैं. इनमें से दो ने चिकित्सीय सलाह (डीएएमए) के विरुद्ध अस्पताल से छुट्टी ले ली, जबकि एक का अस्पताल में इलाज चल रहा है.” एक अधिकारी ने बताया कि हादसे के शिकार लोग गलत दिशा से उतरकर पटरी पर आगे बढ़ रहे थे, तभी वे ट्रेन की चपेट में आ गये. मुंब्रा ट्रेन हादसे के सिलसिले में जांच के बाद ठाणे रेलवे पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(ए)(बी) (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य) के तहत मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर और एक सेक्शन इंजीनियर के खिलाफ मामला दर्ज किया.
मध्य रेलवे के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संघों ने मुंब्रा दुर्घटना मामले में इंजीनियरों के खिलाफ प्राथमिकी का विरोध करने के लिए बृहस्पतिवार शाम को छत्रपति शिवाजी महाराज र्टिमनस (सीएमएसटी) पर उपनगरीय रेल सेवा को करीब एक घंटे तक रोके रखा.
वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि वे राज्य के अधिकारियों के साथ इस मामले को उठाएंगे, जिसके बाद ट्रेन सेवाएं बहाल की गईं. मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नील ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सीएमएसटी पर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने मोटरमैन और ट्रेन प्रबंधकों को शाम पांच बजकर 50 मिनट से पौने छह बजे तक ट्रेन का परिचालन करने की अनुमति नहीं दी. सीएसएमटी पर रोजाना लाखों यात्री आते हैं. ट्रेन सेवा बहाल बाधित होने की वजह से सीएसएमटी परिसर में यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई.



