मुरली विजय ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा

चेन्नई. लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे सलामी बल्लेबाज मुरली विजय ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की. इस दायें हाथ के बल्लेबाज ने देश के लिए 61 टेस्ट, 17 एकदिवसीय और नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले. भारतीय टीम के लिए उन्होंने अपना आखिरी मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिसंबर 2018 में पर्थ में टेस्ट मैच के रूप में खेला था.

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही 2008-09 में टेस्ट में गौतम गंभीर के विकल्प के तौर पर अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया है. उन्होंने 2019 के आखिर में तमिलनाडु के लिए प्रथम श्रेणी और लिस्ट ए क्रिकेट में भाग लिया था. पेशेवर क्रिकेट की बात करें तो वह 2020 में इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेले थे.

विजय ने ट्विटर पर जारी बयान में कहा, ‘‘ आज मैं विनम्रता के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा करता हूं.’’ इस 38 साल के खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मैं यह घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं कि मैं क्रिकेट की दुनिया और इसके व्यावसाय से जुड़ी चीजों में नये मौकों की तलाश करूंगा. इसमें मैं उस खेल में भी भाग लेना जारी रखूंगा जिसे मैं प्यार करता हूं और नये तथा अलग माहौल में खुद को चुनौती देता रहूंगा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा मानना है कि एक क्रिकेटर के रूप में यह मेरी यात्रा का अगला कदम होगा और मैं अपने जीवन में नये अध्याय की प्रतीक्षा कर रहा हूं.’’ उन्होंने बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड), टीएनसीए (तमिलनाडु क्रिकेट संघ), सीएसके (चेन्नई सुपरकिंग्स) और केमीप्लास्ट सनमार को धन्यवाद देते हुए कहा, ‘‘ मैं भारतीय क्रिकेट बोर्ड, तमिलनाडु क्रिकेट संघ, चेन्नई सुपरकिंग्स और केमीप्लास्ट सनमार द्वारा मुझे दिए गए अवसरों के लिए आभारी हूं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं अपनी टीम के सभी साथियों, कोचिंग सदस्य, मेंटर्स और सहयोगी स्टाफ को अपने सपने को हकीकत में बदलने में योगदान देने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं.

मेरे लिए आप सभी के साथ खेलना सौभाग्य की बात है.’’ खेल के दौरान प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव के बाद भी साथ देने के लिए उन्होंने अपने प्रशंसकों का शुक्रिया करते हुए कहा, ‘‘मैं आप सभी के साथ बिताए पलों को हमेशा याद रखूंगा और आपका समर्थन हमेशा मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है.’’

इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘आखिर में, मैं अपने परिवार और दोस्तों को मेरे करियर के दौरान बिना शर्त प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. उनके बिना मैं यह उपलब्धि हासिल नहीं कर पाता.’’ विजय ने 61 टेस्ट में, 38.28 की औसत से 167 के उच्चतम स्कोर के साथ 3982 रन बनाए. उन्होंने इस दौरान 12 शतक और 15 अर्धशतक लगाये. उन्होंने 17 एकदिवसीय मैचों में 339 रन बनाए और सात टी20 अंतरराष्ट्रीय में 169 रन बनाए. आईपीएल में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यादगार प्रदर्शन किया. उन्होंने 2010 सत्र में एक शतक और दो अर्धशतक की मदद से 458 रन बनाये थे.

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