मस्क ने ट्विटर का किया अधिग्रहण, सोशल मीडिया पर आई ‘मीम’ की बाढ़

नयी दिल्ली/न्यूयार्क. ट्विटर का एलोन मस्क द्वारा अधिग्रहण करने के बाद सोशल मीडिया पर ‘मीम’ की बाढ़ आ गई. इस माइक्रो ब्लॉंिगग साइट के नये मालिक द्वारा आने वाले समय में सोशल मीडिया का विमर्श बदलने की आशंका पर लोगों ने चर्चा की. विश्व के सबसे धनी व्यक्ति एवं इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के हाथों में अब विश्व के सर्वाधिक प्रभावशाली सोशल मीडिया मंच की कमान है.

ट्विटर इंक के नये मालिक ने अधिग्रहण के लिए 44 अरब डॉलर का सौदा पूरा करने के शीघ्र बाद इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पराग अग्रवाल, मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) नेड सेगल तथा कानूनी मामलों की शीर्ष अधिकारी विजया गाड्डे को हटा दिया. मस्क ने अपने हाथों में एक ‘सिंक’ लेकर ट्विटर मुख्यालय में प्रवेश किया और एक वीडियो पोस्ट कर उसका शीर्षक लिखा:‘‘ट्विटर मुख्यालय में प्रवेश कर रहा हूं–इस ‘सिंक’ को अंदर लाने दीजिए.’’ इसके बाद, सोशल मीडिया मंचों पर मजेदार वीडियो और हास्य-विनोद वाले पोस्ट की बाढ़ आ गई.

इस तरह की एक ‘मीम’ वायरल हुई है, जिसमें मुस्कुराते हुए मस्क को ‘मारवेल एवेंजर्स’ फिल्म के खलनायक थैनोस के रूप में दिखाया गया है. एक अन्य मीम में मस्क को कार की खिड़की से बाहर झुका हुआ दिखाया गया है, जिसमें वह एक विक्रेता से पक्षी खरीद रहे हैं और उसे एक-एक कर आजाद कर रहे हैं.

एक क्लिप में बॉलीवुड अभिनेता गोंिवदा को दिखाया गया है. इसमें उनकी फिल्म का एक दृश्य है, जिसमें वह प्रत्येक केबिन में जाकर हर किसी को बर्खास्त किये जाने की बात कह रहे हैं और बता रहे हैं कि विभाग बिक गया है. एक अन्य मीम में सोशल मीडिया पर लोग ‘अग्रवाल स्वीट्स’ दुकान की तस्वीर साझा कर रहे हैं और इसका शीर्षक लगाया है, ‘‘पराग अग्रवाल वापस आ गया….’’

ट्विटर अधिग्रहण: भारत में लोगों की राय विभाजित, कुछ समर्थन में, अन्य सतर्क

अरबपति कारोबारी एलन मस्क के हाथों ट्विटर की खरीद का सौदा पूरा करने के साथ ही शुक्रवार को इस सोशल मीडिया कंपनी के चार शीर्ष अधिकारियों को बर्खास्त कर दिए जाने पर ट्विटर पर लोगों की प्रतिक्रिया विभाजित नजर आई. एक तरफ इस मंच पर अपलोड होने वाली सामग्री के नियमन के खिलाफ मुखर राय रखने वाले लोगों ने इस घटनाक्रम का समर्थन किया. वहीं बाकी लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देने में सावधानी बरती.

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार मस्क ने ट्विटर के अधिग्रहण का अपना सौदा 44 अरब अमेरिकी डॉलर में पूरा कर लिया है. इसके साथ ही मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पराग अग्रवाल और विधि कार्यकारी विजया गड्डे सहित ट्विटर के चार शीर्ष अधिकारियों को हटा दिया गया है.

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने ट्वीट किया, ”एलन मस्क द्वारा अधिग्रहण के बाद ट्विटर में विकेट गिर रहे हैं, इसलिए भारत में ‘अर्बन नक्सल’ को निश्चित रूप से ंिचतित होना चाहिए.” एक अन्य फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी की एक तस्वीर पोस्ट की, जो हाथ में एक पोस्टर पकड़े हैं. इस पोस्टर में ब्राह्मणवादी पितृसत्ता को तोड़ने की अपील की गई है. अ

ग्निहोत्री ने लिखा, ”वे ब्राह्मणवादी पितृसत्ता को तोड़ना चाहते थे, लेकिन उन्होंने खुद को तोड़ लिया. ब्राह्मणवादी न्याय का एक उदाहरण. धन्यवाद एलन मस्क.” कुछ लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देने में सावधानी बरतने की बात कही. कांग्रेस के पूर्व नेता और लेखक संजय झा ने कहा कि अधिग्रहण के तुरंत बाद ट्विटर की शीर्ष टीम को बाहर करने से नेतृत्व के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है. उन्होंने मस्क के व्यवहार की तुलना पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ की. एक स्तंभकार और पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने इस घटनाक्रम पर ंिचता जताते हुए कहा कि इसके बाद समाज वामपंथ और दक्षिणपंथ के बीच अधिक विभाजित हो जाएगा.

मस्क के गद्दी संभालने के साथ ट्विटर सीईओ के रूप में पराग अग्रवाल का कार्यकाल समाप्त

उद्योगपति एलन मस्क के ट्विटर का नया मालिक बनने के साथ सोशल मीडिया मंच के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के रूप में पराग अग्रवाल का 11 महीने का कार्यकाल समाप्त हो गया है. पराग अग्रवाल को नवंबर 2021 में ट्विटर का सीईओ नियुक्त किया गया था. इसी के साथ वह आईआईटी से पढ़ाई कर शीर्ष कंपनियों की कमान संभालने वाले भारतीय मूल के सीईओ की सूची में शामिल हो गए थे.

सीईओ के रूप में अपनी कार्यकाल में एक साल से भी कम समय में भारत में जन्मे अग्रवाल को कंपनी के नए मालिक अरबपति मस्क ने हटा दिया. मस्क ने सोशल मीडिया मंच का अधिग्रहण करने के लिए 44 अरब डॉलर के समझौते को बृहस्पतिवार को पूरा कर लिया.
अग्रवाल (38) को पिछले साल नवंबर में कंपनी के सह-संस्थापक जैक डोर्सी के इस्तीफे के बाद ट्विटर का सीईओ नियुक्त किया गया था.

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), बॉम्बे और स्टैनफॉर्ड यूनिर्विसटी से शिक्षित चुके अग्रवाल ने एक दशक से अधिक समय पहले ट्विटर में नौकरी शुरू की थी. उस समय कंपनी में 1,000 से भी कम कर्मचारी हुआ करते थे. ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की खबर के अनुसार, पिछले साल ट्विटर के सीईओ नियुक्त किए गए अग्रवाल की मस्क के साथ सार्वजनिक और निजी रूप से कहासुनी हो गई थी. मस्क ने दरअसल ‘कंटेंट मॉडरेशन’ (आॅनलाइन सामग्री की निगरानी और छंटनी की प्रक्रिया) को लेकर हुए निर्णयों के मामले में गाड्डे की भूमिका की भी सार्वजनिक तौर पर आलोचना की थी.

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