कैदियों को कट्टरपंथी बनाने के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने सात राज्यों में छापेमारी की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 05 Mar 2024 10:25 PM
कैदियों को कट्टरपंथी बनाने के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने सात राज्यों में छापेमारी की
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी द्वारा बेंगलुरु की जेल में कैदियों को कट्टरपंथी बनाने से जुड़े मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने जांच का दायरा बढ़ाते हुये मंगलवार को सात राज्यों के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की. एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी .

संघीय एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों के परिसरों पर की गई छापेमारी के दौरान नकदी के साथ-साथ कई डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए.

जनवरी में एनआईए ने मामले में आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. आरोप पत्र में शामिल आरोपियों में केरल के कन्नूर का टी नसीर, जुनैद अहमद उर्फ जेडी और सलमान खान शामिल है . नसीर 2013 से बेंगलुरु केंद्रीय कारा में है और आजीवन कारावास की सजा काट रहा है, जबकि जेडी और सलमान खान के विदेश भाग जाने का संदेह है.

बेंगलुरु शहर पुलिस ने पिछले साल 18 जुलाई को मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी, इससे पहले पुलिस ने सात पिस्तौल, चार हथगोले, एक मैगजीन और 45 कारतूस बरामद किया था. मामले में सात आरोपियों को हिरासत में लिया गया था जिनके पास से चार वाकी-टाकी भी बरामद हुआ था .

प्रवक्ता ने कहा कि आज सुबह सात राज्यों में छापेमारी के दौरान उन्होंने 25 मोबाइल फोन, छह लैपटॉप और चार स्टोरेज डिवाइस, विभिन्न देशों के मुद्रा नोटों के अलावा आपत्तिजनक दस्तावेज और नकदी बरामद की गयी. उन्होंने कहा कि कर्नाटक के नवीद, सैयद खैल और बिज्जू, पश्चिम बंगाल के मयूर चक्रवर्ती, पंजाब के नवजोत सिंह, गुजरात के हार्दिक कुमार और करण कुमार, केरल के जॉनसन और मुस्ताक अहमद साथीकली, मुबीथ एवं हसन तथा तमिलनाडु के अल बासम के परिसरों में व्यापक छापेमारी की गयी .

अधिकारी ने बताया कि जांच से पता चला है कि भगोड़ों ने लश्कर की गतिविधियों को बढ़ावा देने और गुमनाम रूप से अलग-अलग लोगों तक धन पहुंचाने के लिये देश भर में लोगों का एक नेटवर्क स्थापित किया था. मामले की जांच अक्टूबर 2023 में संभालने वाली एनआईए के अनुसार, जांच से पता चला कि कई विस्फोट मामलों में शामिल नसीर अन्य आरोपियों के संपर्क में आया था, जब वे सभी 2017 में बेंगलुरु जेल में बंद थे.

नसीर उन सभी की क्षमता का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करने के बाद उन्हें कट्टरपंथी बनाने और प्रतिबंधित आतंकवादी समूह लश्कर में भर्ती करने के उद्देश्य से अपने बैरक में स्थानांतरित कराने में कामयाब रहा था. अधिकारी ने कहा, एजेंसी ने कहा था कि वह पहले लश्कर की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए अहमद और खान को कट्टरपंथी बनाने तथा और भर्ती करने में कामयाब रहा . उसके बाद, उसने अहमद के साथ अन्य आरोपियों को कट्टरपंथी बनाने और आतंकी संगठन में भर्ती करने की साजिश रची.’

अधिकारी ने कहा कि उसने ‘फिदायीन’ (आत्मघाती) हमले को अंजाम देने और नसीर को अदालत के रास्ते में पुलिस हिरासत से भागने में मदद करने की साजिश के तहत खान के साथ दूसरों को हथियार, गोला-बारूद, हथगोले और वॉकी टॉकी पहुंचाने की भी साजिश रची थी. अहमद ने अपने सह-आरोपियों को हमले के लिए इस्तेमाल की गई पुलिस कैप चुराने और अभ्यास के तौर पर सरकारी बसों में आगजनी करने का भी निर्देश दिया. पिछले साल जुलाई में हथियार जब्त कर साजिश को नाकाम कर दिया गया था .

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu