गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार NCB की झांकी होगी शामिल

गणतंत्र दिवस परेड में गुजरात, असम, जम्मू-कश्मीर, बंगाल व अन्य की झांकियां दर्शकों का मन मोहेंगी

नयी दिल्ली. इस साल 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की झांकी को शामिल किया जाएगा, जिसके जरिये नशा से दूरी का सार्वभौमिक संदेश दिया जाएगा. एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एनसीबी की झांकी के साथ उसके कर्मी और श्वान दस्ते के दो सदस्य भी परेड में हिस्सा लेंगे.

उल्लेखनीय है कि भारत में मादक पदार्थ की रोकथाम करने के लिए एनसीबी नोडल एजेंसी है और यह केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आती है. एनसीबी की उप महानिदेशक मोनिका बत्रा ने बताया, ‘‘ जहां तक मेरी जानकारी है, एनसीबी पहली बार अपनी झांकी दिल्ली में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस परेड में प्रर्दिशत करेगी. हम इसको लेकर बहुत ही उत्साहित और गौरवान्वित हैं. ’’

उन्होंने बताया, ‘‘ हमारी झांकी के शीर्ष पर ‘नशा मुक्त भारत’ का संदेश होगा और झांकी के अगले हिस्से में भारत के विभिन्न इलाकों की वेशभूषा में लोग खड़े होंगे और उनके हाथों में बैनर होगा, जिसमें लिखा होगा ‘हम एकसाथ मिलकर ऐसा कर सकते है’.’’ गौरतलब है कि इस साल के गणतंत्र दिवस परेड में 23 झांकियों को शामिल किया जा रहा है, जिनमें से 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की हैं, जबकि छह झांकियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की हैं.

गणतंत्र दिवस परेड में गुजरात, असम, जम्मू-कश्मीर, बंगाल व अन्य की झांकियां दर्शकों का मन मोहेंगी

राष्ट्रीय राजधानी के पुर्निनमित कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड के दौरान असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गुजरात, पश्चिम बंगाल और कई अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की रंगारंग झांकियां दर्शकों का मन मोहेंगी. अधिकांश झांकियों का विषय ‘नारी शक्ति’ है.

रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक और सामाजिक प्रगति को दर्शाने वाली कुल 23 झांकियां 26 जनवरी को औपचारिक परेड का हिस्सा होंगी. इन झांकियों में से 17 विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तथा छह झांकियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की होंगी.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां संवाददाताओं को बताया कि गृह मंत्रालय दो झांकी प्रर्दिशत करेगा, जिनमें स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की एक-एक झांकी शामिल होगी. अधिकारी के अनुसार, कृषि मंत्रालय, जनजातीय मामलों के मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय की एक-एक झांकी कर्तव्य पथ पर दर्शकों को आर्किषत करेगी. आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की झांकी भी कर्तव्य पथ पर नजर आएगी.

यह पूछे जाने पर कि क्या रेल मंत्रालय की तरफ से भी कोई झांकी निकाली जाएगी, उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, इस साल की परेड में रेल मंत्रालय की कोई झांकी नहीं होगी.’’ अधिकारी ने बताया कि विभिन्न राज्यों द्वारा इस वर्ष अपनाई गई थीम काफी हद तक सांस्कृतिक विरासत और अन्य विषयों के अलावा ‘नारी शक्ति’ है.

पश्चिम बंगाल की झांकी में कोलकाता की दुर्गा पूजा को दर्शाया गया है और यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में इसके शामिल होने का जश्न मनाया गया है. असम की झांकी में पौराणिक अहोम सेनापति लचित बोरफुकन और प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर सहित इसके सांस्कृतिक स्थलों को गर्व से दिखाया गया है.

पिछले साल राजपथ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ किए जाने के बाद इस ऐतिहासिक पथ में आयोजित यह पहला गणतंत्र दिवस समारोह होगा. फुल ड्रेस रिहर्सल परेड सोमवार को होगी. रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने पहले कहा था कि 74वां गणतंत्र दिवस समारोह पुर्निनमित सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में होगा और सरकार ने जनता के लिए 32,000 टिकट आॅनलाइन बिक्री के लिए रखे हैं.

इस बीच, चंडीगढ़ से प्राप्त समाचार के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव इस साल के गणतंत्र दिवस परेड के लिए कर्तव्य पथ पर हरियाणा की झांकी का विषय है और इसमें भगवद गीता में र्विणत भगवान कृष्ण की एक ‘‘विराट स्वरूप’’ प्रतिमा को चित्रित किया जाएगा. एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव अमित अग्रवाल ने कहा कि झांकी भगवद गीता का संदेश देगी और महाभारत युद्ध के विभिन्न दृश्यों को भी बारीकी से प्रर्दिशत करेगी.

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