राजग सरकार ने ‘वोट चोरी’ से ध्यान भटकाने के लिए सोनिया, राहुल के खिलाफ मामला दर्ज किया: रेवंत रेड्डी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 02 Dec 2025 08:30 PM
राजग सरकार ने ‘वोट चोरी’ से ध्यान भटकाने के लिए सोनिया, राहुल के खिलाफ मामला दर्ज किया: रेवंत रेड्डी
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हैदराबाद. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर निशाना साधते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि ‘वोट चोरी’ अभियान से जनता का ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया गया है.

रेड्डी ने तेलंगाना में सत्तारू­ढ़ कांग्रेस की कार्यकारिणी की बैठक में कहा कि तेलंगाना का प्रत्येक कांग्रेस कार्यकर्ता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ‘अवैध मामला’ दर्ज किए जाने की निंदा करता है. उन्होंने कहा, ”राहुल गांधी ने पूरे देश में ‘वोट चोरी’ अभियान चलाया. (राजग सरकार ने) इससे ध्यान भटकाने के लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर फिर से मामले दर्ज किए, क्योंकि वे संसद में ‘वोट चोरी’ पर चर्चा नहीं चाहते थे. उन्होंने बिहार चुनाव में हुई गड़बड़ियों पर चर्चा से बचने के लिए चार-पांच दिन पहले सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया.” बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित एक प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि गांधी परिवार के खिलाफ ‘अवैध मामले’ की निंदा की जाती है और ‘तेलंगाना की जनता’ उनके (गांधी परिवार) साथ खड़ी है.

रेड्डी के अनुसार, राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेताओं ने नेशनल हेराल्ड के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ और अखबार को पुनर्जीवित करके उनकी मदद करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेता नेशनल हेराल्ड के बोर्ड में शामिल हुए और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान करने के लिए कांग्रेस का धन (अखबार को) हस्तांतरित किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में ना तो सरकारी धन शामिल है और ना ही किसी ने व्यक्तिगत रूप से कोई धन लिया है, लेकिन राजग सरकार ने धनशोधन, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और आयकर के मामले दर्ज किए और सोनिया गांधी व राहुल गांधी को परेशान किया.
हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने इनका मजबूती से सामना किया.

दिल्ली पुलिस ने नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है. यह प्राथमिकी एजेंसी की धन शोधन जांच का हिस्सा है. इसमें आरोप लगाया गया है कि गांधी परिवार ने निजी लाभ के लिए अपने पद का ‘दुरुपयोग’ किया.

मुख्यमंत्री रेड्डी ने बैठक में नवनियुक्त जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) अध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में ‘खेल का मूल नियम’ यही है कि कोई न कोई बाधा उत्पन्न करने की कोशिश करेगा. उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई भी इससे अछूता नहीं है.
कांग्रेस में आंतरिक स्वतंत्रता का उल्लेख करते हुए उन्होंने जी-23 (23 लोगों के समूह) नेताओं द्वारा 2022 में गांधी परिवार के नेतृत्व पर सवाल उठाने की बात याद दिलायी.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में इतनी स्वतंत्रता है कि कुछ नेता गांधी परिवार के खिलाफ भी पत्र लिखते हैं, जिसने देश के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया है. रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस 100 साल से अधिक समय तक इसलिए टिकी रही क्योंकि उसमें आंतरिक स्वतंत्रता थी, वरना, यह भी कुछ क्षेत्रीय दलों या जनता पार्टी की तरह बंद हो जाती. उन्होंने कहा कि यह सबसे पुरानी पार्टी सबको साथ लेकर चलती है और अलग-अलग सोच वाले लोगों का घर है.

हिंदू धर्म से तुलना करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालु कई देवताओं की पूजा करते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ स्थानीय देवता हैं जिनकी पूजा कुछ खास आयोजनों में ताड़ी और मांसाहारी भोजन परोसे जाते हैं और कुछ ऐसे देवता हैं जिनकी पूजा ‘दाल चावल’ खाने वाले (शाकाहारी) करते हैं.

उन्होंने कहा, ”कांग्रेस हर तरह के लोगों को साथ लेकर चलती है. एक कहता है कि वह भगवान वेंकटेश्वर की पूजा करेगा, दूसरा कहता है कि वह हनुमान की पूजा करेगा. जब हम देवताओं पर आम सहमति नहीं बना पाए, तो मुझे नहीं लगता कि हम राजनीतिक नेताओं और डीसीसी अध्यक्षों पर भी आम सहमति बना पाएंगे.” यह टिप्पणी परोक्ष तौर पर नये डीसीसी प्रमुखों की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस के भीतर असहजता की खबरों के जवाब में आई है.

रेड्डी ने कहा कि नए डीसीसी प्रमुखों को अन्य नेताओं के साथ अपने पुराने मतभेदों को भुलाकर पार्टी को मज.बूत करने के लिए काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे वरिष्ठ नेताओं के आवास पर जाकर उनका सहयोग मांग सकते हैं. विकास पहलों पर बात करते हुए, रेड्डी ने कहा कि सरकार को हैदराबाद से बुलेट ट्रेन के लिए केंद्र से सैद्धांतिक मंज.ूरी मिल गई है. उन्होंने कहा कि वह बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित विभिन्न विकास परियोजनाओं को मंज.ूरी देने का आग्रह करेंगे.

उन्होंने कहा, ”वे (केंद्र) सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गए हैं. हम कल नरेन्द्र मोदी से मिलेंगे और कागज पर इसकी मंजूरी मांगेंगे. क्योंकि, (हमारा कहना है) आप (विकास परियोजनाएं) गुजरात ले जा रहे हैं. आप गुजरात के मुख्यमंत्री नहीं हैं. आप देश के प्रधानमंत्री हैं. आपको तेलंगाना को भी वह सब देना होगा जो आप गुजरात को दे रहे हैं. अगर आप नहीं देंगे, तो हम इस राज्य में भाजपा का पतन सुनिश्चित कर देंगे.” मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से विकास परियोजनाएं मांगना राज्य सरकार की ज.म्मिेदारी है और अगर ये परियोजनाएं तेलंगाना को नहीं दी जातीं, तो ‘लड़ना’ उसका अधिकार है. उन्होंने कहा कि अगर राज्य को परियोजनाएं नहीं दी गईं, तो भाजपा को लोगों के असंतोष का ‘सामना’ करना पड़ेगा.

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