MSME को बचाने के लिए GST की समान दर लागू करने, औद्योगिक केंद्र बनाने की जरूरत : राहुल गांधी

नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऊटी में चॉकलेट बनाने वाली एक फैक्टरी के हालिया दौरे का वीडियो साझा करते हुए रविवार को कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बचाने के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की समान दर लागू करने और औद्योगिक केंद्र बनाने की जरूरत है.

राहुल ने इस महीने की शुरुआत में अपनी लोकसभा सदस्यता बहाल होने के बाद अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड जाते समय ‘ऊटी के सबसे प्रसिद्ध ब्रांड में से एक’-मोडीज चॉकलेट्स-की फैक्टरी का दौरा किया था. कांग्रेस की ओर से जारी बयान में राहुल के हवाले से कहा गया है, ”हाल ही में वायनाड जाते समय मुझे ऊटी के सबसे प्रसिद्ध ब्रांड में से एक-मोडीज चॉकलेट्स की फैक्टरी का दौरा करने का आनंददायक अनुभव मिला. इस छोटे से व्यवसाय के पीछे मुरलीधर राव और उनकी पत्नी स्वाति की उद्यमशीलता की कहानी प्रेरणादायक है.” कांग्रेस नेता ने कहा कि दंपति के साथ काम करने वाली महिलाओं की टीम भी उतनी ही शानदार है और 70 महिलाओं की सर्मिपत टीम द्वारा तैयार की जाने वाली सबसे उत्तम चॉकलेट जैसा स्वाद मैंने कभी नहीं चखा.

उन्होंने कहा, ”हालांकि, पूरे भारत में अनगिनत अन्य छोटे और मध्यम उद्यमों की तरह मोडीज भी ‘गब्बर सिंह टैक्स’ का बोझ झेल रही है.” राहुल ने जोर देते हुए कहा कि सामूहिक रूप से भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इन एमएसएमई को बचाने के लिए जीएसटी की एक समान दर लागू करने और औद्योगिक केंद्र बनाने जैसे अनिवार्य उपाय करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इस तरह की महिला नेतृत्व वाली टीम हर तरह के समर्थन की हकदार है.

राहुल द्वारा साझा किए गए वीडियो में वह चॉकलेट बनाते हुए और फैक्टरी में काम करने वाली महिला कर्मचारियों से बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं. राहुल के चॉकलेट फैक्टरी के दौरे का वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ”भारत जोड़ो यात्रा को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी पिछले दिनों ऊटी की एक चॉकलेट फैक्टरी पहुंचे, जिसे महिलाएं चलाती हैं. उन्होंने उनके साथ बातचीत की, अनुभव सुने, मेहनत की सराहना की और समस्याओं को समझा.” रमेश ने लिखा, ”छोटे, लघु एवं मध्यम उद्योगों से जुड़े लोगों की बात को इसी तरह सुना जाना चाहिए. उन्हें मदद की जरूरत है.”

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