
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी), नीट-पीजी (स्नातकोत्तर) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी नेट) में अनियमितताओं के खिलाफ यहां जंतर-मंतर पर धरना देने वाले छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को संसद की ओर मार्च करने का आह्वान किया है.
प्रदर्शनकारी छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को छठे दिन भी जारी रहा.
परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ “इंडिया अगेंस्ट एनटीए” के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र अपना आंदोलन जारी रखने के लिए विरोध स्थल पर एकत्र हुए, जो पिछले सप्ताह बुधवार को शुरू हुआ था. छात्रों ने आज का अपना धरना एक प्रदर्शन करने के बाद समाप्त किया और अपनी मांगों को दोहराया. छात्रों की मांगों में एनटीए पर प्रतिबंध लगाना और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल है.
छात्र नीट-यूजी की सभी के लिए दोबारा परीक्षा कराने और पुरानी विश्वविद्यालय-विशिष्ट प्रवेश परीक्षा प्रणाली को बहाल करने की भी मांग कर रहे हैं. वामपंथी छात्र संगठन आइसा और दिल्ली विश्वविद्यालय के केवाईएस के सदस्य अन्य छात्र संगठनों में शामिल हैं, जिन्होंने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया. हड़ताल के छठे दिन छात्र यहां जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए और शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए “एनटीए के खिलाफ” नारे लगाये.
उन्होंने दिन के लिए अपना अनिश्चितकालीन धरना समाप्त किया और मंगलवार को संसद की ओर मार्च का आह्वान किया.
एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पेपर बिहार और गुजरात के कई केंद्रों पर लीक और भ्रष्टाचार की घटनाओं की वर्तमान में सीबीआई जांच कर रही है.
इस बीच, एनटीए ने रद्द की गई यूजीसी-नेट परीक्षा, ज्वाइंट सीएसआईआर-यूजीसी नेट और नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (एनसीईटी) के आयोजन की नयी तारीखें जारी कर दी हैं, जिन्हें पहले स्थगित कर दिया गया था. यूजीसी नेट 21 अगस्त से 4 सितंबर तक नए सिरे से आयोजित किया जाएगा. ज्वाइंट सीएसआईआर-यूजीसी नेट 25-27 जुलाई के बीच आयोजित किया जाएगा, जबकि एनसीईटी 10 जुलाई को आयोजित किया जाएगा.



