
हेग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड की यात्रा पर हैं। उन्होंने ‘द हेग’ में भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत की। इस दौरान अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा, ‘इतना प्यार और उत्साह… सच कहूं तो कुछ देर के लिए मैं भूल ही गया था कि मैं नीदरलैंड में हूं। ऐसे लग रहा है कि जैसे भारत में ही कहीं कोई फेस्टिवल चल रहा है।’
‘नीदरलैंड ट्यूलिप तो भारत कमल के लिए जाना जाता है’
नीदरलैंड को ट्यूलिप की धरती कहा जाता है और इन खूबसूरत फूलों को देखने के लिए दुनियाभर से लोग वहां पहुंचते हैं। भारत में भी फूलों की यह खूबसूरत परंपरा दिखती है, खासकर श्रीनगर के ट्यूलिप गार्डन में। जैसे नीदरलैंड की पहचान ट्यूलिप से जुड़ी है, वैसे ही भारत की पहचान कमल से भी गहराई से जुड़ी हुई है। ट्यूलिप और कमल दोनों फूल हमें बताते हैं कि जड़ें चाहे पानी में हों या धरती पर अगर सही पोषण मिले तो सुंदरता भी मिलती है और स्ट्रेंथ भी आ जाती है।
‘नीदरलैंड में भारतीयों के योगदान पर हर भारतवासी को गर्व’
भारतीय समुदाय के योगदान पर गौरवान्वित होते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘आप नीदरलैंड के समाज और यहां की इकोनॉमी में जो आपकी देन हैं उस पर हर भारतवासी को गर्व है। मैं आज इस अवसर पर नीदरलैंड की जनता और सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। मैं यहां की जनता को 140 करोड़ भारतवासियों की तरफ से अपनी शुभकामनाएं देता हूं।’
“भारत की विविध संस्कृति अपने लोगों के दिलों में धड़कती है’
प्रधानमंत्री ने इस दौरान भारत की विश्व को देन और भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए आगे कहा, यहां बैठे अनेक परिवारों की कहानी प्रवासन की कहानी नहीं, यह सांस्कृतिक आस्था के बीच तमाम संघर्षों के बीच प्रगति की कहानी है। उस दौर में तब किसी ने सोचा नहीं था कि दो महासागर पार करने के बाद भी भारतीयों की पहचान इतनी जीवंत रहेगी। आपके पूर्वज बहुत कुछ पीछे छोड़ गए, लेकिन कुछ चीजें उनके साथ रहीं, अपनी मिट्टी की खशबू, त्योहार की संस्कृति, भजन की धुनें और पूर्वजों के संस्कार। समय के साथ अनेक संस्कृतियां मिट गईं लेकिन भारत की विविध संस्कृति अपने लोगों के दिलों में धड़कती है।
’13 साल पहले भारत में घटी थी विशेष घटना’
हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने 2014 के लोकसभा फैसले की सराहना की, जब उनके नेतृत्व में एनडीए सरकार ने पहली बार सत्ता संभाली थी। 16 मई को घोषित जनादेश को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘तेरह साल पहले, इसी दिन भारत में एक विशेष घटना घटी थी। एक मजबूत और शक्तिशाली सरकार सत्ता में आई और एक कमजोर सरकार का शासन समाप्त हुआ। तब से देश का विकास हुआ है, इसलिए यह एक विशेष दिन है।’ कोटि-कोटि भारतवासियों का विश्वास मुझे न रुकने देता है और न थकने देता है।
‘परिवेश बदल गए, लेकिन परिवार के संस्कार नहीं बदले’
पीएम मोदी ने आगे कहा कि, ‘परिवेश बदल गए, लेकिन परिवार के संस्कार नहीं बदले, अपनापन नहीं बदला। आपने डच भाषा को अपनाया लेकिन पुरखों की भाषा को छोड़ा नहीं। हमारे कम्युनिटी रेडियो यहां बहुत लोकप्रिय हैं। इन स्टेशन के माध्यम से संस्कृति और गाने लोकप्रिय हैं। आप हमारी संस्कृति भावी पीढ़ियों तक पहुंचा रहे हैं। ये सराहनीय है और आप अभिनंदन के अधिकारी हैं।’
पीएम मोदी ने झालमुड़ी का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं,’क्या झालमुड़ी की लोकप्रियता यहां तक भी पहुंच गई है? हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत 80-90% रहा, जिसमें महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से अधिक रही… हर साल मतदान के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं’।



