
रायपुर. प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति पर आधारित निर्यात प्रोत्साहन एवं निवेश हेतु स्टेकहोल्डर कनेक्ट कार्यशाला का शुभारंभ किया. नीति आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार संजीत कुमार, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, संचालक उद्योग प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेस कुमार सहित उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
इस अवसर पर उद्योग मंत्री देवांगन ने कहा कि हम सब राज्य के औद्योगिक विकास एवं राज्य से निर्यात में वृद्धि करने के उद्देश्य से आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा एवं विचार-विमर्श के लिए यहां एकत्रित हुए है. प्रदेश में नवीन उद्योग नीति 2024-2030 जो एक नवंबर से लागू हो चुकी है. निश्चित तौर पर हमारी सरकार की मंशा है कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग कैसे स्थापित हो इसे ध्यान में रखकर यह उद्योग नीति तैयार की गई है. हमने पहली बार इस नीति के माध्यम से राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में निवेश को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है. हाल ही में आयोजित केबिनेट बैठक में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है.
इस नीति में ज्यादा से ज्यादा अनुदान सब्सिडी का प्रावधान रखा गया है. राज्य के पिछड़े क्षेत्रों में भी उद्योग स्थापित हो इसमें प्रावधान किए गए है. उद्योग धंधे स्थापित होने से प्रदेश का विकास होगा और लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे. उद्यामियों की सुविधा के लिए प्रदेश में सिंगल विंडो प्रणाली लागू किया गया है. प्राकृतिक खनिज संसाधनों से भरपूर छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित होने से प्रदेश का तेजी से विकास होगा. देवांगन ने कहा कि उद्योगों के साथ-साथ इससे अप्रत्यक्ष रूप से हजारो लोगों को भी रोजगार मिलेगा.
नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार संजीत सिंह ने कहा कि कार्यशाला के आयोजन के लिए मैं प्रदेश सरकार का धन्यवाद देना चाहता हूं. छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति अन्य राज्यों के लिए उदाहरण साबित होगी. सिंगल विंडो प्रणाली से उद्यामियों को सहुलियत होगी. उन्होंने कार्यशाला के आयोजन के लिए अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी. सिंह ने आश्वस्त किया कि नीति आयोग की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा. सचिव उद्योग रजत कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति से प्रदेश में औद्योगिक वातावरण को बढ़ावा मिलेगा. इस नीति के अंतर्गत औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन से ब्याज अनुदान, राज्य लागत पूंजी अनुदान, स्टाम्प शुल्क छुट, विद्युत शुल्क छुट, प्रोजेक्ट अनुदान, परिवहन अनुदान के प्रावधान किए गए है. सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेस कुमार ने भी कार्यशाला को संबोधित किया. कार्यशाला के दौरान सवाल-जवाब के दौरान जिज्ञासा का समाधान किया गया.



