एनआईए ने 2023 में नक्सलियों के सड़क अवरुद्ध करने के मामले की जांच के तहत छग में तलाशी ली

नयी दिल्ली. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मंगलवार को कहा कि उसने छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में भाकपा (माओवादी) कैडर और उनके समर्थकों से संबंधित कई स्थानों पर छापेमारी की, जो पिछले साल पुलिस र्किमयों की हत्या और उनके हथियार लूटने के इरादे से सड़क नाकेबंदी के लिए जिम्मेदार थे.

एनआईए ने एक बयान में कहा कि 20 मार्च 2023 की घटना से संबंधित इस मामले में कुल 35 आरोपी नामजद हैं, जिसमें प्रतिबंधित संगठन के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इंडिया गेट रायनार के पास नारायणपुर-ओरछा मुख्य मार्ग को खुदाई करके, पेड़ों को काटकर और कई स्थानों पर छोटे-बड़े पत्थर रखकर अवरुद्ध कर दिया था. उसने कहा कि नाकाबंदी का उद्देश्य पुलिस दलों को मारना और उनके हथियार लूटना था. मामले में एनआईए की जांच के दौरान भाकपा (माओवादी) के कुछ समर्थकों और कार्यकर्ताओं के नाम सामने आए थे.

एनआईए ने कहा, ”उन पर भाकपा (माओवादी) के सहयोगी संगठन माड़ बचाओ मंच के सदस्य होने का संदेह है और माना जाता है कि उन्होंने अपराध को अंजाम देने में भाकपा (माओवादी) की सहायता की थी.” एजेंसी ने कहा कि इस मामले में लखमा राम उर्फ ??लखमा कोर्राम का नाम आरोप पत्र में है जो ओरछा के नदीपारा प्रदर्शन स्थल पर माड़ बचाओ मंच का नेता था.

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