एनआईए ने घोषित आतंकवादी गुरपतवंत पन्नू और उसके संगठन के खिलाफ मामला दर्ज किया

नयी दिल्ली. एअर इंडिया के विमानों से यात्रा करने वाले लोगों को धमकाने वाला वीडियो संदेश जारी करने के आरोप में घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू और उसके प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) के खिलाफ एनआई ने मामला दर्ज किया है. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज किया गया है.

गैरकानूनी संगठन एसएफजे से जुड़े पन्नू ने चार नवंबर को अलग-अलग सोशल मीडिया मंचों पर कई वीडियो संदेश जारी किए थे.
इन संदेशों में पन्नू ने सिखों से कहा कि वे 19 नवंबर और इसके बाद एअर इंडिया के विमानों से उड़ान नहीं भरें. उसने दावा किया था कि यात्रियों की जान को खतरा है.

इस भगोड़े आतंकी ने यह भी धमकी दी थी कि वैश्विक स्तर पर एअर इंडिया का संचालन नहीं करने दिया जाएगा. इसके बाद हाई अलर्ट जारी किया गया और कनाडा, भारत तथा उन अन्य देशों में सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी, जहां एअर इंडिया अपने विमानों का परिचालन करती है.

वीडियो संदेशों में पन्नू ने भारत सरकार को धमकी दी थी कि 19 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित दुनिया के व्यस्ततम हवाई अड्डों में शामिल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (आईजीआईए) बंद रहेगा. पन्नू पर 2019 से ही एनआईए की नजर है. उसी साल आतंकवाद निरोधक एजेंसी ने उसके खिलाफ पहली बार मामला दर्ज किया था. सितंबर में एनआईए ने पंजाब के अमृतसर और चंडीगढ़ में पन्नू के हिस्से का घर और उसकी जमीन जब्त कर ली थी.

एनआईए की विशेष अदालत ने पन्नू के खिलाफ तीन फरवरी 2021 को गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे और उसे पिछले साल 29 नवंबर को भगोड़ा घोषित किया गया था. अधिकारी ने कहा कि भारत में आतंकवाद को फिर से खड़ा करने के लिए आतंकी कृत्यों को बढ़ावा देने की अपनी योजना के तहत पन्नू पंजाब से संबंधित मुद्दों, विशेष रूप से सिख धर्म के संबंध में, और देश में सिखों एवं अन्य समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देकर झूठा विमर्श गढ़ रहा है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 10 जुलाई, 2019 को एसएफजे को उसकी गतिविधियों के लिए यूएपीए के तहत गैरकानूनी संगठन घोषित कर प्रतिबंधित कर दिया था. इसके अगले साल एक जुलाई को, पन्नू को मंत्रालय ने आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया था.

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