बीसीसीआई को आयकर में छूट नहीं, मामला न्यायालय में विचाराधीन: वित्त राज्य मंत्री

वित्त वर्ष 2023 में 7.40 करोड़ से अधिक लोगों ने आईटीआर दाखिल किया: वित्त मंत्रालय

नयी दिल्ली. सरकार ने सोमवार को कहा कि आयकर विभाग ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को आयकर अधिनियम की धारा 11 के तहत कर में छूट देने से इनकार कर दिया है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है. आयकर अधिनियम की धारा 11 परमार्थ संस्थानों से संबंधित है. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी.

प्रश्न में पूछा गया था कि क्या बीसीसीआई दुनिया के सबसे धनवान खेल संगठनों में शामिल होने के बावजूद क्रिकेट को बढ.ावा देने के नाम पर कर छूट का लाभ उठा रहा है. चौधरी ने कहा, ”बीसीसीआई आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 11 के तहत छूट का दावा कर रहा है. हालांकि, आकलन प्रक्रिया के दौरान आयकर विभाग छूट की अनुमति नहीं दे रहा. बीसीसीआई को कर में छूट देने का मामला न्यायालय में विचाराधीन है.”

वित्त वर्ष 2023 में 7.40 करोड़ से अधिक लोगों ने आईटीआर दाखिल किया: वित्त मंत्रालय

सरकार ने सोमवार को लोकसभा को सूचित किया कि वित्त वर्ष 2022-23 में 7.40 करोड़ से अधिक लोगों ने आयकर रिटर्न (आईटीआर)दाखिल किया, जिनमें से शून्य कर देनदारी वाले रिटर्न की संख्या 5.16 करोड़ थी. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि पिछले पांच वर्षों में दाखिल आयकर रिटर्न की संख्या में वृद्धि हुई है.

मंत्री के जवाब के अनुसार आईटीआर दाखिल करने वालों की संख्या 2018-19 के 6.28 करोड़ के आंकड़े से बढ़कर 2019-20 में 6.47 करोड़ और 2020-21 में 6.72 करोड़ हो गई. चौधरी के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 में दाखिल किए गए आईटीआर की संख्या बढ़कर 6.94 करोड़ से अधिक हो गई और 2022-23 में 7.40 करोड़ से अधिक हो गई. उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान शून्य कर देनदारी वाले आईटी रिटर्न की संख्या वित्त वर्ष 2019-20 के 2.90 करोड़ से बढ़कर 2022-23 में 5.16 करोड़ हो गई है.

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