इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माताओं को अब सब्सिडी देने की जरूरत नहीं : गडकरी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 05 Sep 2024 07:38 PM
इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माताओं को अब सब्सिडी देने की जरूरत नहीं : गडकरी

ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) विनिर्माताओं को सब्सिडी जारी रखने की जरूरत से इनकार करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि अब लोग खुद ही ईवी या सीएनजी वाहनों को लेना पसंद कर रहे हैं. गडकरी ने बीएनईएफ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पहले इलेक्ट्रिक वाहनों के विनिर्माण की लागत बहुत अधिक थी लेकिन अब मांग बढ़ चुकी है और इसकी उत्पादन लागत भी घट गई है. ऐसी स्थिति में ईवी विनिर्माताओं को सब्सिडी देने की जरूरत नहीं रह गई है.

उन्होंने कहा, ”उपभोक्ता अब अपनी पसंद से ईवी और सीएनजी वाहनों को खरीदने लगे हैं. मुझे नहीं लगता है कि हमें अब इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अधिक सब्सिडी देने की जरूरत रह गई है. सब्सिडी की मांग अब उचित नहीं रही.” उन्होंने कहा कि इले्ट्रिरक वाहनों पर लगने वाला माल एवं सेवा कर (जीएसटी) पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में कम है. फिलहाल हाइब्रिड एवं पेट्रोल-डीजल इंजन वाले वाहनों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है जबकि इले्ट्रिरक वाहनों पर सिर्फ पांच प्रतिशत जीएसटी लगता है.

उन्होंने कहा, ”मेरे विचार से इले्ट्रिरक वाहनों के निर्माण को अब सरकार द्वारा सब्सिडी दिए जाने की जरूरत नहीं है. सब्सिडी की मांग अब उचित नहीं रह गई है.” हालांकि, उन्होंने ईवी को प्रोत्साहन देने के लिए पेट्रोल एवं डीजल वाहनों पर अतिरिक्त कर लगाने की संभावना को नकार दिया. उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की जगह वैकल्पिक ईंधन की तरफ रुख करना एक क्रमिक प्रक्रिया होगी.
उन्होंने कहा कि ईवी में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-ऑयन बैटरी की लागत में आगे चलकर और कमी आने से इले्ट्रिरक वाहनों की कीमतें घटेंगी.

गडकरी ने कहा, ”दो साल के भीतर डीजल, पेट्रोल और इले्ट्रिरक वाहनों की लागत बराबर हो जाएगी. शुरुआती दौर में ईवी की लागत बहुत अधिक होती थी लिहाजा हमें ईवी विनिर्माताओं को सब्सि.डी देना जरूरी था.” जब उनसे फेम योजना की अवधि बढ़ाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ”फेम योजना के तहत सब्सिडी एक बढि.या बात है. हालांकि, यह मसला मेरे मंत्रालय से संबंधित नहीं है.” भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने एक दिन पहले कहा था कि सरकार को अपनी इले्ट्रिरक परिवहन क्रियान्वयन योजना ‘फेम’ के ??तीसरे चरण को एक-दो महीने में अंतिम रूप देने की उम्मीद है.

फेम-3 योजना अस्थायी इले्ट्रिरक परिवहन प्रोत्साहन योजना, 2024 की जगह लेगी जो इसी महीने खत्म होने वाली है. फेम योजना का दूसरा चरण 2019 में तीन वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के शुरुआती परिव्यय के साथ शुरू किया गया था. बाद में इसे 1,500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त परिव्यय के साथ मार्च, 2024 तक बढ़ा दिया गया था. इस योजना का प्रारंभिक लक्ष्य 10 लाख इले्ट्रिरक दोपहिया, पांच लाख इले्ट्रिरक तिपहिया, 55,000 यात्री कारों और 7,000 इले्ट्रिरक बसों को समर्थन देना था.

नवभारत डिजिटल टॉप स्टोरी

  1. 1 Suruchi Club : महिला उद्यमी रश्मि अग्रवाल प्रेरणा भट्ट मनीषा अग्रवाल मधु अरोरा डॉ प्रिया जोशी संजना बघेल कविता देव ने साझा किए कारोबारी टिप्स, नवभारत की डायरेक्टर यश्वी माहेश्वरी रहीं अतिथि मेजबान
  2. 2 Suruchi Club : महिला उद्यमी रश्मि अग्रवाल प्रेरणा भट्ट मनीषा अग्रवाल मधु अरोरा डॉ प्रिया जोशी संजना बघेल कविता देव ने साझा किए कारोबारी टिप्स, नवभारत की डायरेक्टर यश्वी माहेश्वरी रहीं अतिथि मेजबान
  3. 3 Suruchi Club : महिला उद्यमी रश्मि अग्रवाल प्रेरणा भट्ट मनीषा अग्रवाल मधु अरोरा डॉ प्रिया जोशी संजना बघेल कविता देव ने साझा किए कारोबारी टिप्स, नवभारत की डायरेक्टर यश्वी माहेश्वरी रहीं अतिथि मेजबान
  4. 4 Suruchi Club : महिला उद्यमी रश्मि अग्रवाल प्रेरणा भट्ट मनीषा अग्रवाल मधु अरोरा डॉ प्रिया जोशी संजना बघेल कविता देव ने साझा किए कारोबारी टिप्स, नवभारत की डायरेक्टर यश्वी माहेश्वरी रहीं अतिथि मेजबान
By Yogesh Kumar Sahu