हमारी आवाज कोई नहीं दबा सकता, सच हमारे साथ है : इंजीनियर रशीद

श्रीनगर. पांच साल से अधिक समय तक जेल में बंद रहने के बाद अंतरिम जमानत पर घर लौटे सांसद शेख अब्दुल रशीद ने बृहस्पतिवार को कहा कि कश्मीर के लोगों से ज्यादा किसी और को शांति की जरूरत नहीं है, लेकिन “यह शांति हमारी शर्तों पर आएगी” न कि केंद्र सरकार की तय शर्तों पर.

इंजीनियर रशीद के नाम से मशहूर अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) के प्रमुख एवं बारामूला से लोकसभा सदस्य रशीद ने सुबह श्रीनगर हवाई अड्डे के र्टिमनल से बाहर निकलने के बाद सड़क पर सजदा किया. उन्होंने कहा, “हम (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी को बताना चाहते हैं कि हमसे ज्यादा किसी को शांति की जरूरत नहीं है. लेकिन यह शांति हमारी शर्तों पर आएगी, आपकी शर्तों पर नहीं. हमें कब्रिस्तान जैसी शांति नहीं चाहिए, बल्कि सम्मानपूर्वक शांति चाहिए.” हवाई अड्डे के बाहर उनका स्वागत करने के लिए जुटे अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए रशीद ने कहा कि वह कश्मीर के लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि वे बिल्कुल भी कमजोर नहीं हैं.

उन्होंने केंद्र द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का जिक्र करते हुए कहा, “कश्मीर के लोग जीतेंगे, क्योंकि जम्मू-कश्मीर के लोग सच्चाई के रास्ते पर हैं. नरेन्द्र मोदी द्वारा पांच अगस्त, 2019 को लिये गए फैसले हमें पूरी तरह अस्वीकार्य हैं. चाहे आप इंजीनियर रशीद को तिहाड़ भेजें या कहीं और, हम विजयी होंगे.” अपने बेटे और पार्टी नेताओं से घिरे रशीद ने अपने समर्थकों से हिम्मत न हारने को कहा.

उन्होंने कहा, “सच हमारे साथ है. धरती पर कोई भी, चाहे वह नरेन्द्र मोदी हों, अमित शाह हों, हमारी आवाज को दबा नहीं सकता. हम सच के साथ हैं और सच्चाई की जीत होगी. हम भीख नहीं मांग रहे हैं. हम चाहते हैं कि हमारे साथ इंसानों जैसा व्यवहार किया जाए.” सांसद ने कहा, “हम चाहते हैं कि 1947 से लंबित एवं चार-पांच लाख लोगों की जान ले चुका जम्मू-कश्मीर का मुद्दा हल हो जाए, ताकि पूरे उपमहाद्वीप में शांति लौट आए. किसी मां को अपने बच्चों को न खोना पड़े तथा किसी को भी जेल न जाना पड़े.” नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी द्वारा उन्हें निशाना बनाए जाने के बारे में पूछे जाने पर रशीद ने कहा कि वह दोनों पार्टियों के नेताओं का बहुत सम्मान करते हैं.

उन्होंने कहा, “लेकिन मैं उनलोगों के लिए लड़ाई लड़ रहा हूं, जिनके लिए लड़ने की उनमें हिम्मत नहीं है. वे पिछले पांच सालों से गायब थे. इसलिए वे संसदीय चुनाव हार गए. मेरी लड़ाई पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस की आज की कोशिशों से कहीं बड़ी है.” उन्होंने कहा कि वह उमर अब्दुल्ला की लोकसभा चुनाव में हार से खुश नहीं हैं.

रशीद ने कहा, “लेकिन (मैं संतुष्ट हूं कि) उत्तरी कश्मीर के लोगों ने मोदी के ‘नये’ कश्मीर के दावों की हवा निकाल दी. उन्होंने कहा, ‘मैं उत्तरी कश्मीर के लोगों, पूरे कश्मीर के लोगों को सलाम करता हूं.” एआईपी सुप्रीमो बाद में बारामूला के लिए रवाना हो गए, जहां डेलिना में उन्हें एक जनसभा को संबोधित करना था.

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