
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि मतगणना केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है और ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ की 24 घंटे सीसीटीवी के जरिये निगरानी की जा रही है। सीईओ का यह बयान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ पर घंटों बिताने और धांधली की आशंका जताए जाने के एक दिन बाद आया है।
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और बेलियाघाट सीट से उम्मीदवार कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के निर्देश पर कार्यकर्ता और उम्मीदवार उन मतगणना केंद्रों की निगरानी कर रहे हैं, जहां ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में रखे गए हैं। अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा, “इंतजाम के मद्देनजर किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि आरोप लगाने के लिए ठोस कारण और सबूत होना चाहिए और शिकायतें निराधार हैं।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तरी और पूर्वी कोलकाता की कई विधानसभा सीट के लिए प्रस्तावित मतगणना स्थल खुदीराम अनुशीलन केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, जहां ईवीएम के ‘स्ट्रांग रूम’ (वह स्थान जहां मतदान के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोंिटग मशीन रखी जाती है) भी स्थित हैं।
कोलकाता के संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) रूपेश कुमार ने इलाके का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ”एक अतिरिक्त आयुक्त और एक पुलिस उपायुक्त की देखरेख में अतिरिक्त सीएपीएफ और सशस्त्र पुलिस बलों को भी तैनात किया गया है।” कुणाल घोष ने शाम के समय डाक मतपत्रों के एक हिस्से को लाए जाने पर अनधिकृत गतिविधि होने की आशंका जताते हुए कहा कि पार्टी के मतदान एजेंट और उम्मीदवारों को इस संबंध में सतर्क कर दिया गया है।
निर्वतमान सरकार में मंत्री शशि पांजा बृहस्पतिवार शाम को मतगणना केंद्र पर धरना देने के बाद सुबह खुदीराम अनुशीलन केंद्र पहुंचीं। उन्होंने कहा कि ”पारर्दिशता” होनी चाहिए। बनर्जी भवानीपुर स्थित ईवीएम ‘स्ट्रांग रूम’ में लगभग चार घंटे बिताने के बाद बृहस्पतिवार देर रात वहां से गईं। उन्होंने मतगणना प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के प्रयास के खिलाफ चेतावनी दी और संभावित अनियमितताओं का आरोप लगाया।
घोष ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने उस कमरे में कुछ हलचल देखी थी, जिसमें कथित तौर पर डाक मतपत्र रखे गए हैं, लेकिन शुक्रवार की सुबह ऐसी कोई हलचल नहीं थी। एक अधिकारी ने यहां बताया कि सुरक्षा बल कोलकाता और अन्य जिलों में मतगणना केंद्रों के अंदर और आसपास कड़ी निगरानी रख रहे थे, जहां पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल की गई ईवीएम मशीनें रखी हुई हैं।



