त्र्यंबकेश्वर मंदिर में कुछ भी गलत नहीं हुआ: संजय राउत

नासिक. महाराष्ट्र में नासिक के त्र्यंबकेश्वर मंदिर में एक समूह के मंदिर में प्रवेश करने के कथित प्रयास को लेकर हुए विवाद के बीच शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने बुधवार को आरोप लगाया कि यह राज्य में सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने के लिए हिंदुत्व के नाम पर गिरोह बनाने की साजिश है. इससे पहले दिन में, ‘सकल हिंदू समाज’ के सदस्यों ने भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, त्र्यंबकेश्वर मंदिर को शुद्ध करने के लिए गोमूत्र छिड़का और आरती की.

मंदिर प्रबंधन के अनुसार शनिवार रात दूसरे धर्म के एक समूह ने परिसर में प्रवेश करने की कथित तौर पर कोशिश की, लेकिन सुरक्षार्किमयों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. राउत ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि किसी ने भी त्र्यंबकेश्वर मंदिर में जबरदस्ती प्रवेश करने की कोशिश नहीं की जैसा कि बताया जा रहा है, लेकिन लोगों के एक समूह ने घटना के दिन केवल एक पुरानी परंपरा का पालन किया था.

राज्यसभा सदस्य ने दावा किया, ‘‘त्र्यंबकेश्वर में कुछ भी गलत नहीं हुआ. हमारे देवताओं के समक्ष ‘धूप’ (अगरबत्ती जलाने) की पुरानी प्रथा है. यह सूफी संत गुलाब शाह संदल की 100 साल पुरानी परंपरा है और भक्त त्र्यंबकेश्वर मंदिर की सीढि़यों पर ‘धूप’ चढ़ाते हैं. दूसरे धर्म के लोगों ने बस मंदिर के प्रवेश द्वार पर जाकर इस परंपरा का पालन किया और आगे बढ़ गये.’’ उन्होंने कहा कि इस तरह की परंपराओं का पालन न केवल महाराष्ट्र में बल्कि पूरे भारत में किया जाता है और यहां तक कि प्रधानमंत्री भी अजमेर शरीफ जैसी दरगाहों पर जाते हैं.

राउत ने आरोप लगाया, ‘‘मेरी जानकारी के अनुसार मंदिर प्रशासन पर पुलिस को शिकायती पत्र देने का दबाव बनाया गया. मौजूदा सरकार ने अनैतिक तरीके से सत्ता हथिया ली और उसके पास लोगों का समर्थन नहीं है. मुझे हिंदुत्व के नाम पर गिरोह बनाने और महाराष्ट्र में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश नजर आ रही है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम कट्टर हिंदू हैं, पाखंडी नहीं.’’ उन्होंने उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस के र्त्यंबकेश्वर घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के फैसले पर सवाल उठाया.

राउत ने पूछा, ‘‘पिछले 60 साल में महाराष्ट्र में रामनवमी पर एक भी दंगा नहीं हुआ लेकिन इस साल पहली बार हिंसा हुई. क्या आपने रामनवमी की घटना के लिए एसआईटी नियुक्त की थी?’’ अधिकारियों ने बताया था कि पुलिस ने मंगलवार को एक पूजा स्थल को अपवित्र करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी.

नड्डा जहां भी जाते हैं, वहां भाजपा हार जाती है: संजय राउत

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा के दो दिवसीय महाराष्ट्र दौरे के बीच शिवसेना (उद्धव) पार्टी के नेता संजय राउत ने हाल ही में संपन्न कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणामों की पृष्ठभूमि में बुधवार को कटाक्ष किया कि नड्डा जहां भी जाते हैं, वहां भाजपा हार जाती है. उनके इस बयान पर भाजपा विधायक नीतेश राणे ने पलटवार करते हुए राउत पर संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों पर निशाना साधने तथा प्रशासन को सरकार के खिलाफ उकसाने का आरोप लगाया.

राणे ने दावा किया, ‘‘ये सब शहरी नक्सलियों के लक्षण हैं.’’ गौरतलब है कि भाजपा को हाल में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है जहां कांग्रेस ने जबरदस्त जीत हासिल की है. राउत ने नासिक में संवाददाताओं से कहा, ‘‘नड्डा कर्नाटक में अपनी पार्टी के प्रचार के लिए डटे रहे, लेकिन वह हार गयी. अब वह महाराष्ट्र आ रहे हैं, हम उनका स्वागत करते हैं. जहां भी वह जाते हैं, भाजपा हार जाती है.’’ नड्डा बुधवार से दो दिन की महाराष्ट्र की यात्रा पर हैं और इस दौरान वह प्रदेश भाजपा नेताओं से मुलाकात करेंगे. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं.

राज्य विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर निशाना साधते हुए राउत ने दावा किया, ‘‘दल बदलना उनका शौक है और पेशा भी. राज्य में ऐसी कोई पार्टी नहीं है जिसके वह सदस्य नहीं रहे.’’ पिछले साल महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी सरकार के पतन के कारण उपजे शिवसेना विवाद पर अपने फैसले में उच्चतम न्यायालय ने 11 मई को कहा कि वह तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बहाल नहीं कर सकता क्योंकि उन्होंने विश्वास मत का सामना किए बिना इस्तीफा देने का फैसला किया था.

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित शिवसेना के 16 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने से इनकार करते हुए, शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला नहीं कर सकती है और विधानसभा अध्यक्ष नार्वेकर को लंबित मामले पर “उचित अवधि” के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया.

शिवसेना विधायकों को नोटिस जारी किए जाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर राउत ने दावा किया, “नोटिस नार्वेकर द्वारा भेजे जा रहे हैं न कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा. पिछले कुछ दिनों में नार्वेकर जिस तरह से मीडिया से बात कर रहे हैं, वह दशार्ता है कि कानून के शासन को तोड़ने के लिए संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है.”

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