‘सनातन धर्म’ को लेकर उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी पर खरगे ने कहा- राजनीति और धर्म अलग-अलग चीजें हैं, इन्हें मिलाने की जरूरत नहीं

कांग्रेस भारत को जोड़ने में लगी है जबकि भाजपा तोड़ने का प्रयास कर रही : खरगे

रायपुर/राजनांदगांव. तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन की कथित ‘सनातन धर्म’ विरोधी टिप्पणी को लेकर देश भर में मचे घमासान के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कहा कि राजनीति और धर्म अलग-अलग चीजें हैं और इन्हें मिलाने की कोई जरूरत नहीं है. खरगे राज्य के राजनांदगांव जिले के ठेकवा गांव में छत्तीसगढ. सरकार के ‘भरोसे का सम्मेलन’ कार्यक्रम में भाग लेने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे.

स्टालिन की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर खरगे ने कहा, ”मैं यहां किसी के धर्म के बारे में कहने के लिए नहीं आया हूं. मैं गरीबों के लिए बने कार्यक्रम में हिस्सा लेने आया हूं. धर्म और राजनीति अलग-अलग चीजें हैं और इन्हें मिलाने की कोई जरूरत नहीं है. मैं इस पर बहस नहीं करना चाहता.” इससे पहले आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ. के पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा था कि खरगे को अपनी छत्तीसगढ. यात्रा के दौरान बताना चाहिए कि क्या कांग्रेस पार्टी ‘सनातन धर्म’ पर उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी का समर्थन करती है या नहीं.

कांग्रेस भारत को जोड़ने में लगी है जबकि भाजपा तोड़ने का प्रयास कर रही : खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस जहां एक ओर भारत को जोड़ने के लिए काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर विरोधी पार्टी इसे तोड़ने का प्रयास कर रही है. उन्होंने यहां आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ. की कांग्रेस सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य में जितना काम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके मंत्रिमंडल ने किया है उतना किसी सरकार ने नहीं किया है.

खरगे ने कहा कि यह (प्रधानमंत्री नरेन्द्र)मोदी का ‘गुजरात मॉडल’ नहीं है बल्कि कांग्रेस पार्टी, भूपेश बघेल और उनके मंत्रिमंडल का मॉडल है. उन्होंने कहा, ” मोदी जी को बघेल सरकार का काम देखना चाहिए, तभी उन्हें पता चलेगा कि पांच साल में कैसे काम हो सकता है.” कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि ”वह दंगा प्रभावित मणिपुर की ओर भी देख नहीं रहे हैं. जी20 की बैठक (दिल्ली में) चल रही है, जहां हर खंभे में उनकी तस्वीरें (प्रधानमंत्री के पोस्टर) हैं.” उन्होंने ‘इंडिया-भारत’ नामकरण विवाद पर कहा कि ”कांग्रेस भारत को जोड़ने में लगी है जबकि भाजपा तोड़ने में लगी है.”

कांग्रेस अध्यक्ष् ने कहा कि यदि उन्हें ‘इंडिया’ शब्द से नफरत है तो उन्होंने ‘स्टार्ट अप इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’, ‘स्किल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’ आदि जैसी योजनाओं का नाम क्यों रखा है. खरगे ने नेहरू स्मारक संग्रहालय का नाम बदलने के फैसले पर केंद्र की आलोचना करते हुए कहा कि ”उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि सत्ता में आने पर बाकी लोग भी ऐसा ही करेंगे.”

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