पंजाब में विपक्ष ने ‘प्रश्नपत्र लीक’ मामले को लेकर विरोध तेज किया, आप सरकार का आरोपों से इनकार

चंडीगढ़: पंजाब के विपक्षी दलों ने हाल में फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में नकल गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर अपने हमले तेज कर दिये हैं। उनका आरोप है कि पिछले साढ़े चार साल में कई बार विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान, हालांकि अपने इस दावे पर अड़े हुए हैं कि आप के कार्यकाल के दौरान राज्य में एक भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ। आप ने भी दावा किया है कि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लोगों को गुमराह करने के लिए एक झूठी कहानी गढ़ने की कोशिश कर रही हैं, क्योंकि उनके पास मान सरकार के खिलाफ कोई और मुद्दा नहीं है।

पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और सियासी दलों के आरोप-प्रत्यारोप का दौर 19 जुलाई को फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में नकल गिरोह के भंडाफोड़ के बाद शुरू हुआ। विपक्षी दल शिक्षा मंत्री हरजोत ंिसह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर ंिसह के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

पंजाब पुलिस ने 19 जुलाई को फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान एक अंतर-राज्यीय नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया और इसके 11 सदस्यों और 10 अर्भ्यिथयों को गिरफ्तार किया। विपक्षी दलों का आरोप है कि फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में पकड़े गए नकल गिरोह के साथ-साथ आप के कार्यकाल में कम से कम छह और प्रश्नपत्र लीक हुए हैं।

शिअद नेता बिक्रम ंिसह मजीठिया ने फरवरी 2023 में राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित 12वीं कक्षा की अंग्रेज़ी परीक्षा और मार्च 2023 में पंजाब राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (पीएसटीईटी) के रद्द होने का जिक्र किया। मजीठिया ने प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के ‘दोहरे रवैये’ की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी ‘प्रश्नपत्र’ के लिए पंजाब सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराती है, तो इसका अभिप्राय होगा कि उसकी आप के साथ मिलीभगत है।

भाजपा की पंजाब इकाई के महासचिव अनिल सरीन ने आप सरकार पर पारर्दिशता और ईमानदारी का झूठा दावा करके लोगों को धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आप सरकार बार-बार ”सरकारी भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने में नाकाम” रही है।
उन्होंने फार्मेसी अधिकारी परीक्षा में हुई धोखाधड़ी की ओर इशारा करते हुए दावा किया कि यह कोई इकलौता मामला नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित विफलता का हिस्सा है।

राज्य सरकार के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के बाद, मान ने 28 जुलाई को कहा कि पिछले साढ़े चार सालों में राज्य में एक भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ। उन्होंने ”प्रश्नपत्र लीक के झूठे आरोपों के जरिये पंजाब की छवि खराब करने’ की कोशिश के लिए भाजपा, कांग्रेस और शिअद की भी आलोचना की।

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