विपक्षी नेताओं को जेल में डाला जा रहा है, चुनाव का सामना करने से डर रहे हैं मोदी: शिवसेना (यूबीटी)

मुंबई. शिवसेना (यूबीटी) ने शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में विपक्षी नेताओं को जेल में डाल रहे हैं क्योंकि वह आगामी लोकसभा चुनाव का सामना करने से डर रहे हैं. शिवसेना (यूबीटी) ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के मद्देनजर अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में प्रधानमंत्री पर निशाना साधा. शिवसेना (यूबीटी) की ओर से यह आलोचना तब की गई है जब पार्टी नेता संजय राउत ने कुछ दिन पहले मोदी की तुलना मुगल बादशाह औरंगजेब से की थी.

पार्टी ने दावा किया कि केजरीवाल की गिरफ्तारी कोई आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि एक तानाशाह ऐसी हरकतें करता है. संपादकीय में पार्टी ने मोदी की तुलना महाभारत के पात्र कंस से भी की. इसमें कहा गया, ”कंस को जिन जिनसे से डर था उन सभी को उसने कैद कर लिया, फिर भी कृष्ण का जन्म हुआ और कंस अंतत: मारा गया.” पार्टी ने कहा, ”मोदी डरे हुए हैं इसलिए विपक्ष को जेल में डालकर चुनाव का सामना कर रहे हैं.” महाभारत के अनुसार मथुरा का अत्याचारी शासक कंस, भगवान कृष्ण का मामा था. उसने भगवान कृष्ण के माता-पिता को जेल में डाल दिया था, बाद में भगवान कृष्ण ने उसका वध कर दिया.

संपादकीय में कहा गया, ” औरंगजेब भी माला जपते हुए अपने विरोधियों को हटाता था…. मौजूदा केंद्र सरकार में भी वही औरंगजेबी प्रवृत्ति देखने को मिल रही है.” इसमें कहा गया है कि मौजूदा शासकों की यह नीति हानिकारक है कि विपक्ष की कोई आवाज नहीं होनी चाहिए.

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा कि चीन और रूस में विपक्षी नेताओं को या तो मार दिया जाता है या वे गायब हो जाते हैं, लेकिन भारत में उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जाता है और महीनों के लिए जेल भेज दिया जाता है. इसमें कहा गया है कि 2014 से अब तक ‘ईडी’ की ओर से की गई कार्रवाइयों पर नजर डालें तो 95 फीसदी कार्रवाइयां विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ की गई हैं. उसने आरोप लगाया कि भाजपा विरोधियों को खत्म करने और अपना खजाना भरने के लिए ईडी, सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है.

ईडी ने बृहस्पतिवार रात केजरीवाल को आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया. यह पहली बार हुआ है कि किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने केजरीवाल को एजेंसी द्वारा कोई दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण प्रदान करने से इनकार कर दिया था. पचपन वर्षीय केजरीवाल की गिरफ्तारी लोकसभा चुनाव के प्रचार के बीच हुई है.

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