
पटना. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सोमवार को आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सवाल उठाकर विपक्ष ”घुसपैठियों को बचाने” की कोशिश कर रहा है. यहां राय ने संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी जैसे नेताओं का रुख ”तुष्टीकरण की राजनीति” से प्रेरित है और यह ”राष्ट्रीय हितों की अनदेखी” करता है.
उन्होंने कहा, ”राहुल गांधी एसआईआर पर सवाल उठा रहे हैं, बिना यह समझे कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी है. चाहे बिहार हो, पश्चिम बंगाल हो या कोई अन्य राज्य, घुसपैठियों को निकालना अनिवार्य है.” बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस राज्य में एसआईआर कई अन्य राज्यों से पहले कराया गया. इस व्यापक प्रक्रिया के दौरान 60 लाख से अधिक नाम हटाए गए, जिनमें वे लोग शामिल थे जो या तो मर चुके थे या दूसरे स्थानों पर जा चुके थे.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई के पूर्व अध्यक्ष राय ने कहा, ”जो घुसपैठिए देश में आए और फर्जी दस्तावेजो के सहारे मतदाता सूची में शामिल हो गए, वे भूमि पर कब्जा कर लेते हैं और असली नागरिकों के अधिकार वाले संसाधनों का उपयोग करते हैं.” उन्होंने आरोप लगाया, ”तुष्टीकरण की राजनीति के कारण विपक्षी दल घुसपैठियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं. यह राष्ट्रीय हित में नहीं है और हमारे युवाओं के हितों के खिलाफ है.” पिछले माह निर्वाचन आयोग ने नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर कराने का निर्देश दिया था.



