
चेन्नई. भारत के शीर्ष स्पिनर आर अश्विन का मानना है कि एशिया कप में पाकिस्तान को हराना चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान जैसे खिलाड़ी उसे और खतरनाक बनाते हैं . भारत और पाकिस्तान दोनों को खिताब के प्रबल दावेदार बताते हुए अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा ,” बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान अगर लगातार अच्छी पारियां खेलते रहे तो एशिया कप और विश्व कप में पाकिस्तान बेहद खतरनाक टीम होगी .” पाकिस्तान का सामना पहले मैच में नेपाल से है जबकि दो सितंबर को उसकी टक्कर भारत से होगी .
पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने पिछले तीनों वनडे जीते हैं . अश्विन का मानना है कि पाकिस्तानी टीम की गहराई उसे एशिया कप और विश्व कप में प्रबल दावेदार बनाती है. उन्होंने कहा ,”पाकिस्तान के पास असाधारण प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं . टेप बॉल क्रिकेट की वजह से उनके पास हमेशा बेहतरीन तेज गेंदबाज रहते हैं . उनकी बल्लेबाजी भी नब्बे और 2000 के दशक में अच्छी रही है . लेकिन विभिन्न टी20 लीगों में खेलने से पिछले पांच छह साल में उनकी बल्लेबाजी फिर बेहतर हुई है . पाकिस्तान सुपर लीग के अलावा वे बिग बैश लीग में भी खेल रहे हैं . ” अश्विन ने कहा कि टीम को ‘रणनीतिक फायदे’ के तौर पर एक गेंदबाज को क्रीज से बाहर निकलने वाले बल्लेबाज के आउट करने पर विचार करना चाहिए.
उन्होंने कहा, ”इनमें से कुछ नैतिक रूप से ऊंचे बनते हुए इस मामले में कहेंगे, ‘हम इस तरह का क्रिकेट नहीं खेलना चाहते.’ लेकिन स्मार्ट टीम इस तरह के बयानों का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करेंगी. यह रणनीतिक फायदा है. ” उन्होंने कहा, ”मैंने आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) में जब ऐसा किया था तो उसे पांच साल हो गये हैं. आज भी जब कुछ कह रहे हैं कि किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए. मैं इसे अच्छी तरह से समझ सकता हूं कि वे ऐसा क्यों नहीं करना चाहते हैं. लेकिन मुझे हैरानी होती है कि आप अब भी उसी विचारधारा पर अटके हुए हो. ”
अश्विन ने कहा, ”मैंने हाल में इसके बारे में ट्वीट किया था. अभी तक मैंने और दीप्ति शर्मा ने भारत के लिए ऐसा किया है. और यही वजह है कि उसी हिस्से के लोग इसे स्वीकार रहे हैं. क्या हमने इंग्लैंड या आस्ट्रेलिया को अभी तक भारत के खिलाफ ऐसा करते हुए देखा है? ”
उन्होंने कहा, ”भारत के एक पत्रकार ने इस पर ट्वीट किया था और उनकी बात सही भी है. अगर विराट कोहली या रोहित शर्मा विश्व कप के मैच के दौरान किसी महत्वपूर्ण चरण पर इस तरह से आउट हो जायें तो क्या हम फिर भी इसे स्वीकार करेंगे? ” अश्विन ने कहा, ”जब ऐसा होगा, केवल तभी हम जान पायेंगे कि हमने इसे स्वीकार कर लिया है या नहीं. लेकिन हमें इसे स्वीकार करना चाहिए, भले ही यह हमारे साथ हो जाये क्योंकि गलती बल्लेबाज की है और बल्लेबाज कौन है, यह सवाल नहीं होना चाहिए. ”
एशिया कप में भारत-पाक मुकाबले से पहले पंड्या ने कहा, आपके जज्बे और व्यक्तित्व की परीक्षा होती है
आल राउंडर हार्दिक पंड्या को लगता है कि एशिया कप 2023 सिर्फ भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला नहीं है और इससे भारतीय टीम के खिलाड़ियों के जज्बे और व्यक्तित्व की परीक्षा होगी. भारत एशिया कप में अपने अभियान की शुरुआत रविवार को पालेकल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ करेगा. दोनों टीमें अगर फाइनल में पहुंचती हैं तो दोनों के बीच तीन मुकाबले देखने को मिल सकते हैं.
टूर्नामेंट से पहले पंड्या ने भारत-पाक मुकाबले की प्रतिद्वंद्विता और इसमें जुड़ी भावनाओं के बारे में बात की. पंड्या ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, ”यह ऐसा टूर्नामेंट है जिसमें मैंने देखा है कि इससे आपके जज्बे और व्यक्तित्व की परख कैसे होती है. और साथ ही यह दिखाता है कि आप पानी में कितनी गहराई तक तैर सकते हो (आप कितने दबाव को झेल सकते हो). इसलिये मुझे ये सभी चीजें रोमांचित करती हैं. ”
उन्होंने कहा, ”काफी भावनायें खेल प्रेमियों से जुड़ी होती हैं. हमारे लिये एक अच्छी टीम से खेलना महत्वपूर्ण है, ऐसी बहुत अच्छी टीम के खिलाफ मुकाबला खेलना जिसने हाल के समय में काफी अच्छा खेल दिखाया हो. ” पंड्या ने साथ ही जिक्र किया कि पाकिस्तान जैसी टीम के खिलाफ मुकाबले भावनाओं में बहने के नहीं बल्कि सोच समझकर फैसले करने के बारे में होते हैं.
उन्होंने कहा, ”हम बाहर की भावनाओं को बाहर ही रखने की कोशिश करते हैं और अच्छा क्रिकेट खेलने पर ध्यान लगाते हैं. हम इसके बारे में ज्यादा भावनात्मक नहीं हो सकते क्योंकि फिर कुछ फैसले लापरवाही भरे हो सकते हैं जिसमें मैं विश्वास नहीं करता. लेकिन साथ ही यह बड़ा टूर्नामेंट है. ” एशिया कप वनडे प्रारूप में हो रहा है जो भारत में अक्टूबर-नवंबर में खेले जाने वाले आईसीसी विश्व कप के लिए ‘ड्रेस रिहर्सल’ की तरह है.
इस प्रारूप के बारे में बात करते हुए पंड्या ने कहा कि परिस्थितियों का अंदाजा लगाने के साथ रणनीतिक मानसिकता इसमें अहम भूमिका निभाती है. उन्होंने कहा, ”यह प्रारूप ऐसा है कि आपके पास सोचने के लिए थोड़ा ज्यादा समय रहता है. यह ऐसा प्रारूप है जिसमें आप ढल सकते हो, आपको परिस्थितियों का आदी होना होता है क्योंकि खेल 50 ओवर तक चलता है और अच्छी टीम के खिलाफ खेलने के लिए आपको शत प्रतिशत बढि.या क्रिकेट खेलना होता है. ”
पंड्या ने कहा, ”बतौर क्रिकेटर मेरे लिए मेरी मानसिकता सिर्फ इस तथ्य से बदलती है कि मैं वनडे प्रारूप की मांग के अनुसार तैयारी कैसे शुरु करता हूं और अगर तैयारी ठीक होती है तो मैं मैदान में जाकर हालात को पढ़ लूंगा. ” उन्होंने कहा, ”आधे समय परिस्थितियां खुद ही बता देती हैं इसलिये आपको कोई ‘रॉकेट साइंस’ की जरूरत नहीं है. आप सिर्फ मैच देखो और समझने की कोशिश करो कि क्या हो रहा है और समझदारी भरा फैसला करो. ”



