इजराइल के गाजा पर कब्जा करने की योजना से लोग चिंतित, कहा- ‘बमबारी के लिए जमीन बची ही कहां?’

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 06 May 2025 08:51 PM
इजराइल के गाजा पर कब्जा करने की योजना से लोग चिंतित, कहा- ‘बमबारी के लिए जमीन बची ही कहां?’
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दीर अल बलाह. गाजा पट्टी पर इजराइल के कब्जा करने और सैन्य अभियान का विस्तार करने की योजना, प्रभावित क्षेत्र में कई लोगों के लिए चिंता का सबब बन गयी है. फलस्तीन में रहने वाले लोग पिछले 19 महीने से भारी बमबारी से भयाक्रांत हो चुके हैं और पूरी तरह नाउम्मीद हैं. गाजा में अब भी इजराइली बंधक मौजूद हैं और इन बंधकों के परिवार इस बात से भयाक्रांत हैं कि युद्ध विराम की संभावना लगभग खत्म होती जा रही है.

गाजा शहर से विस्थापित हुए मोआज कहलौत ने कहा, ”बमबारी के लिए अब जगह ही कहां बची हैं?” उन्होंने कहा कि युद्ध में तबाह हुए घरों का पता लगाने के लिए कई लोग जीपीएस का सहारा लेते हैं. इजराइली अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि सरकार के मंत्रियों ने गाजा पर कब्जा करने और अनिश्चित समय के लिए फलस्तीनी क्षेत्र में रहने की योजना को मंजूरी दे दी है. इजराइली सेना के प्रमुख द्वारा हजारों रिजर्व सैनिकों को बुलाने की खबर मीडिया में आने के कुछ घंटों बाद अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

योजना के विवरण की औपचारिक घोषणा नहीं की गई और इसका सटीक समय और कार्यान्वयन भी स्पष्ट नहीं किया गया. इजराइली सरकार के इस कदम के पीछे हमास पर युद्धविराम वार्ता का समर्थन करने के लिए दबाव बनाना एक वजह हो सकती है. हमास द्वारा सात अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजराइल पर हमला करने के बाद युद्ध की शुरुआत हुई थी. हमास के इस हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज्यादातर नागरिक थे. हमास ने 251 लोगों का अपहरण कर लिया था. इजराइल का कहना है कि गाजा में 59 बंधक अब भी बचे हैं, जिनमें से लगभग 35 के मारे जाने की आशंका है.

दक्षिणी शहर खान यूनिस की रहने वाली महिला एनशिरा बहलौल ने कहा, “उन्होंने (इजराइल ने) हमें तबाह कर दिया, हमें विस्थापित कर दिया और हमें मार डाला.” उन्होंने कहा, “हम इस दुनिया में सुरक्षा और शांति चाहते हैं. हम बेघर, भूखे और प्यासे नहीं रहना चाहते.” कुछ इजराइली नागरिक भी इस कदम का विरोध कर रहे हैं. सोमवार को सरकार के ग्रीष्मकालीन सत्र के शुरू होने पर सैकड़ों लोगों ने संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया. गाजा में बंधक बनाए गए लोगों के परिवार इस बात से भयभीत हैं कि सैन्य अभियान को बढ़ाना या जमीनों पर कब्जा करने से उनके रिश्तेदारों पर असर पड़ सकता है.

सात अक्टूबर के हमले में बंधक बनाए गये इजराइली-अमेरिकी एडन अलेक्जेंडर के पिता आदि अलेक्जेंडर ने कहा, “मैं युद्ध के विस्तार को समाधान के रूप में नहीं देखता… ऐसा लगता है कि हम जहां एक वर्ष पहले थे, अब भी वहीं हैं.” ओमरी मिरान (48) के संबंधी मोशे लवी ने कहा कि परिवार इस कदम को लेकर चिंतित है. मिरान अब तक जीवित माने जा रहे सबसे उम्रदराज बंधक हैं. उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि यह हमास के लिए केवल एक संकेत है कि इजराइल वार्ता के लिए अपनी सरकारी और सैन्य क्षमताओं को रोककर अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर बने. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह कदम युद्ध का अंत है या फिर एक साधन.”

हवाई हमलों से यमन का मुख्य हवाई अड्डे तबाह: इजराइल सेना

इजराइली सेना ने मंगलवार को बताया कि बल द्वारा यमन में ईरान सर्मिथत हूती विद्रोहियों को निशाना बनाकर किये गये हवाई हमलों में राजधानी सना में देश का मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पूरी तरह से तबाह हो गया. सेना ने यह भी बताया कि हवाई हमलों से क्षेत्र में कई बिजली संयंत्रों को नुकसान पहुंचा है.

इजराइली टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में सना के प्रभावित क्षेत्रों में धुएं का घना काला गुबार उठता हुआ देखा जा सकता है. सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित वीडियो में सना के आसपास हमले होते हुए और इनमें विस्फोट की आवाज के साथ काला धुआं उठता हुआ देखा जा सकता है. इजराइल ने यमन में विद्रोहियों को निशाना बनाकर दो दिनों में दूसरी बार हवाई हमले किये. रविवार को इजराइल के हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले के जवाब में यह हमला किया गया था.

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