लोकतंत्र में लोगों को विरोध करने का अधिकार, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होने चाहिए: त्रिपाठी

नयी दिल्ली. अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने मंगलवार को कहा कि लोकतंत्र में लोगों को विरोध करने का अधिकार है बशर्ते यह शांतिपूर्ण तरीके से किया जाए. यहां संवाददाता सम्मेलन के दौरान त्रिपाठी (45) से केंद्र सरकार द्वारा पिछले सप्ताह घोषित नयी सैन्य भर्ती योजना के खिलाफ देश में व्यापक विरोध पर टिप्पणी के लिए पूछा गया. अभिनेता ने कहा, ‘‘लोकतंत्र में सभी को आंदोलन और विरोध करने का अधिकार है. लेकिन, मेरा मानना है कि विरोध शांतिपूर्ण और उचित तरीके से होना चाहिए.’’

त्रिपाठी ने कहा, ‘‘अगर किसी आंदोलन में सरकार की संपत्ति का नुकसान होता है, तो इसका मतलब है देश की संपत्ति को नुकसान हुआ…इस देश में हर किसी को अपने मन की बात कहने और शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का अधिकार है.’’ अग्निपथ योजना में साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के आयु वर्ग के युवाओं को चार साल के कार्यकाल के लिए भर्ती करने का प्रावधान है. इसके तहत 25 प्रतिशत जवान 15 और वर्षों तक सेवा में रहेंगे. योजना की घोषणा के बाद देश में कई जगहों पर उग्र प्रदर्शन हुआ. बाद में केंद्र ने इस साल भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा 23 साल कर दी.

त्रिपाठी फिल्मकार श्रीजीत मुखर्जी के साथ अपनी आगामी फिल्म ‘‘शेरदिल: द पीलीभीत सागा’’ के प्रचार के लिए राष्ट्रीय राजधानी में थे. यह फिल्म उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में घटी सच्ची घटनाओं से प्रेरित है. यह फिल्म 24 जून को प्रर्दिशत होगी. त्रिपाठी ने कहा कि फिल्म में एक सार्वभौमिक संदेश है और इसमें मानव बनाम जंगल के संघर्ष सहित विभिन्न मुद्दों को उठाया गया है.

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