लोगों को एकजुट होना होगा ताकि आतंकवाद फिर से पनप न सके : हिमंत विश्व शर्मा

गुवाहाटी/श्रीनगर. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने दिल्ली में हुए धमाके की निंदा करते हुए मंगलवार को कहा कि लोगों को यह सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होना चाहिए कि देश में आतंकवाद फिर से सिर न उठा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य पुलिस सोमवार के धमाके के बाद सोशल मीडिया पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवाद का समर्थन करने वालों पर नजर रख रही है. उन्होंने कहा कि यदि ऐसे लोग इस पूर्वोत्तर राज्य से हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है.

शर्मा ने नगांव जिले के राहा में एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ”दिल्ली में हुआ विस्फोट बेहद निंदनीय है. जैसा कि हम सभी जानते हैं, पिछले दो दिनों में कुछ खास लोगों से भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त किए गए हैं. निश्चित रूप से इसमें कोई बड़ी साजिश थी. उम्मीद है कि शाम तक हमें स्पष्ट तस्वीर मिल जाएगी.” राष्ट्रीय राजधानी में लाल किले के नजदीक धीमी गति से चलती कार में सोमवार शाम को धमाका होने से 12 लोगों की मौत हो गई. शर्मा ने कहा कि ऐसे समय में लोगों का एकजुट होना महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, ”लोगों को एकजुट होना होगा ताकि आतंकवाद फिर से सिर न उठा सके.” मुख्यमंत्री ने दावा किया कि धमाके के बाद से लोगों का एक वर्ग फेसबुक पर या तो खबर का स्वागत करते हुए पोस्ट कर रहा है या फिर खुशी वाले इमोजी डाल रहा है.

उन्होंने कहा कि इस वर्ष अप्रैल में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भी ऐसी ही प्रवृत्ति देखने को मिली थी.
शर्मा ने कहा, ”इसका अभिप्राय है कि ये लोग आतंकवादियों का समर्थन कर रहे हैं. हम कल रात से ही उनकी पृष्ठभूमि की जांच कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर हम उनमें से कुछ को गिरफ्तार भी करेंगे ताकि असम में आतंकवाद फिर से पनप न सके या उसे ब­ढ़ावा न मिले.” उन्होंने कहा, ”अगर कोई दूसरे की मौत से खुश है, तो वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवाद का समर्थन कर रहा है. मैंने पुलिस महानिदेशक से कहा है कि वे जांच करें कि ये लोग कौन हैं और अगर वे हमारे राज्य से हैं, तो जरूरत पड़ने पर हम उन्हें गिरफ्तार करेंगे.”

दिल्ली विस्फोट जैसे कृत्यों के लिए दिमाग में जहर घोलने वाले तत्वों को अलग-थलग किया जाए: रविशंकर

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर ने मंगलवार को कहा कि लाल किले के पास विस्फोट जैसी घटनाओं को अंजाम देने के लिए लोगों के दिमाग में जहर घोलने वाले तत्वों को अलग-थलग किया जाना चाहिए और उनके साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए. शंकर ने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ”यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. ऐसे तत्व, जो लोगों के दिमाग में जहर घोलकर उन्हें इस तरह की हरकतें करने के लिए उकसाते हैं, उन्हें अलग-थलग कर दिया जाना चाहिए और उनसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए.” उन्होंने हालांकि देश के लोगों से शांति बनाए रखने और एकजुट रहने की अपील की.

उन्होंने कहा, ”हम सभी एक हैं और एकजुट हैं, शांति बनी रहनी चाहिए एवं हम सभी को प्रगति के पथ पर चलना चाहिए.” हाल में गिरफ्तार किए गए तीन कश्मीरी चिकित्सकों, जिनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ था, के बारे में पूछे जाने पर आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि उन्हें सही शिक्षा नहीं मिली है.

उन्होंने कहा, ”उन्हें सही शिक्षा नहीं मिली है. मानवीय शिक्षा और शांति की शिक्षा की आवश्यकता है.” शंकर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में काफी प्रगति हुई है. उन्होंने कहा, ”मैं सात साल बाद यहां आया हूं. यहां काफी प्रगति हुई है और इससे हमें संतुष्टि मिलती है. पहलगाम में जो हुआ, उसके बाद लोगों में डर है. लेकिन, दुनिया भर से करीब 500 लोग यहां आए हैं, कश्मीर में अमन-चैन है. युवा काफी सक्षम हैं और शांति का संदेश फैलाना चाहते हैं.”

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