‘ड्रीम गर्ल 2’ के खिलाफ याचिका खारिज; समान विषयों पर कॉपीराइट का दावा नहीं कर सकते: न्यायालय

मुंबई. मुंबई उच्च न्यायालय ने आयुष्मान खुराना अभिनीत फिल्म ‘ड्रीम गर्ल 2’ की निर्माता एकता कपूर की बालाजी टेलीफिल्म्स पर एक लेखक द्वारा कॉपीराइट के उल्लंघन का आरोप लगाने संबंधी याचिका बुधवार को खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि समान विषयों और कथानक के लिए संरक्षण नहीं दिया जा सकता. न्यायमूर्ति आर आई छागला की पीठ ने कहा कि समान फिल्म कथानक या विषय के लिए कॉपीराइट और संरक्षण की मांग नहीं की जा सकती है तथा फिल्म लेखक आशिम बागची द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया.

अदालत ने उन्हें तुच्छ दावे करने के लिए पांच प्रतिवादियों को 10 लाख रुपये (प्रत्येक को 2 लाख रुपये) अदा करने को भी कहा.
न्यायमूर्ति छागला ने 1993 की हॉलीवुड फिल्म ‘मिसेज डाउटफायर’ का हवाला दिया, जिसमें लैंगिक भेदभाव को मुख्य विषय/विचार के रूप में इस्तेमाल किया गया था.  ड्रीम गर्ल 2′ इसी विषय पर आधारित है. बागची ने अपनी याचिका में दावा किया था कि 2023 की फिल्म ‘ड्रीम गर्ल 2’ उनके द्वारा 2007 में लिखी गई एक ऐसी ही पटकथा की नकल है.

वर्ष 2023 में, उच्च न्यायालय ने फिल्म की रिलीज पर कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था और कहा था कि बागची ने आखिरी समय में अदालत का रुख किया. अदालत ने लेखक की याचिका पर सुनवाई के बाद बुधवार को उसे खारिज कर दिया. न्यायमूर्ति छागला ने अपने फैसले में कहा कि वादी (बागची) कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाकर उन विषयों पर एकाधिकार चाहता है जिन पर शुरू से ही कोई कॉपीराइट नहीं है.

उच्च न्यायालय ने कहा कि ये विशेषताएं न तो मौलिक हैं और न ही कॉपीराइट कानून के तहत संरक्षित होने योग्य हैं क्योंकि ये केवल विषय/अवधारणाएं/विचार हैं. न्यायमूर्ति छागला ने कहा कि वादी की पटकथा और फिल्म ‘ड्रीम गर्ल 2’ में अंतर है. अदालत ने कहा कि वादी ने बेतुके दावे किए हैं और इसलिए यह जुर्माना लगाने का उपयुक्त मामला है. अदालत ने वादी को मामले के पांचों प्रतिवादियों, जिनमें फिल्म के निर्देशक और पटकथा लेखक सहित बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड भी शामिल हैं, को दो-दो लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया.

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