पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वायनाड में सोशल मीडिया अभियान, ब्लॉगर सम्मेलन के आयोजन की योजना

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Mon, 02 Sep 2024 06:50 PM
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वायनाड में सोशल मीडिया अभियान, ब्लॉगर सम्मेलन के आयोजन की योजना
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तिरुवनंतपुरम: केरल सरकार ओणम के त्योहारी मौसम से पहले वायनाड में एक ब्लॉगर सम्मेलन के साथ-साथ एक ‘जबरदस्त’ प्रचार अभियान शुरू करने की तैयारियों में जुटी है, ताकि पर्यटकों की यह ंिचता दूर की जा सके कि हाल में घटी भूस्खलन की घटनाओं के बाद यह पर्वतीय जिला पर्यटन के लिए सुरक्षित नहीं है।

केरल के पर्यटन एवं लोक निर्माण मंत्री पीए मोहम्मद रियास ने सप्ताहांत में एक साक्षात्कार के दौरान ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह ‘दुखद’ है कि राज्य के उत्तरी जिले में 30 जुलाई को आई आपदा को ‘वायनाड आपदा’ कहा जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि इससे मनोरम पर्वतीय जिले का केवल एक हिस्सा भर प्रभावित हुआ है।

रियास ने कहा, ‘‘चूरलमाला वायनाड की एकमात्र प्रभावित जगह है, लेकिन यह खबर फैलने से कि यह वायनाड आपदा है, हर कोई इंटरनेट पर इसके बारे में जानकारी जुटा रहा है और सोच रहा है कि वायनाड में कुछ हो रहा है। इसके चलते वहां होटल-रिजॉर्ट की बुंिकग रद्द कर दी गई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वायनाड में जो जगहें पर्यटन के लिए सबसे अच्छी हैं, और चूरलमाला से लगभग 50 किलोमीटर दूर हैं, वहां की भी बुंिकग रद्द कर दी गई है। इसे वायनाड आपदा कहना ठीक नहीं है।’’ लगभग एक महीने पहले भारी बारिश के बाद वायनाड में बड़े पैमाने पर हुई भूस्खलन की घटनाओं के कारण तीन गावों-पुंचिरीमट्टम, चूरलमाला और मुंडक्कई का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया और 200 से अधिक लोगों की जान चली गई, जबकि मलबे से और पास की नदी से करीब इतनी ही संख्या में मानव अंग बरामद किए गए।

रियास ने कहा कि चूरलमाला में आपदा न केवल वायनाड में पर्यटन, बल्कि केरल में पर्यटन के लिए एक बड़ा ‘झटका’ है और हम इस धारण को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मनोरम पहाड़ों, समुद्री तटों, चाय बागानों और झरनों के लिए मशहूर केरल में पर्यटन राजस्व के सबसे बड़े स्रोत में से एक है।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के दामाद रियास ने कहा कि भूस्खलन से प्रभावित वायनाड में ‘शीर्ष स्तर की लोकप्रियता’ वाले पर्यटन स्थल नहीं हैं। उन्होंने कहा, ”वे कुछ 10वें या 15वें स्थान पर हैं… वायनाड में बहुत सारे पर्यटन स्थल हैं।” रियास ने कहा कि उनका विभाग इस महीने एक ‘जबरदस्त अभियान’ शुरू करने जा रहा है, ताकि आगामी ओणम उत्सव के दौरान अधिक से अधिक पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस स्थान का रुख करें।

मंत्री ने कहा कि उन्होंने एक व्यापक सोशल मीडिया अभियान शुरू करने के लिए पर्यटन उद्योग के हितधारकों, रिजॉर्ट मालिकों और स्थानीय विक्रेताओं से बात की है, जिसके तहत सभी क्षेत्रों के लोगों और मशहूर हस्तियों से ‘मेरा केरल हमेशा की तरह खूबसूरत है’ हैशटैग का इस्तेमाल कर केरल में अपने पसंदीदा गंतव्य के बारे में अंग्रेजी और मलयालम में पोस्ट करने के लिए कहा जाएगा।

रियास ने कहा, ‘‘इस अभियान से केरल, खासकर वायनाड में पर्यटन के प्रति भरोसा जगेगा। यह इस बात पर जोर देने का काम करेगा कि वायनाड को कुछ नहीं हुआ है। मैं अपने परिवार के साथ वायनाड जाऊंगा और वहां कुछ दिन ठहरूंगा।’’

उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत सरकार वायनाड में एक ‘ब्लॉगर मीट’ भी आयोजित करेगी, जिसके तहत ब्लॉगर जिले और अन्य इलाकों में स्थित लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर जाएंगे और वहां की सुरक्षा एवं सुंदरता बयां करने वाले वीडियो पोस्ट करेंगे। केरल का वायनाड जिला पर्यटकों के लिए बीच खासा लोकप्रिय है। पिछले साल 17 लाख से अधिक पर्यटकों ने इस जिले की यात्रा की थी। वर्ष 2022 में यह संख्या 15 लाख थी।

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