
मुंबई. मानव तस्करी के संदेह के कारण फ्रांस में चार दिन रोककर रखा गया विमान 276 यात्रियों को लेकर मंगलवार तड़के मुंबई पहुंचा. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. इस विमान में अधिकतर भारतीय नागरिक सवार थे. अधिकारी ने बताया कि एयरबस ए340 विमान तड़के चार बजे के कुछ ही समय बाद मुंबई पहुंचा. विमान ने स्थानीय समयानुसार देर रात करीब ढाई बजे वैट्री हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी.
उन्होंने कहा कि जब विमान मुंबई में उतरा तो उसमें चालक दल के 15 कर्मी भी थे. आव्रजन अधिकारियों ने मुंबई पहुंचे 276 में से कुछ यात्रियों से पूछताछ की. उन्होंने बताया कि किसी यात्री को हिरासत में नहीं लिया गया है और सभी 276 लोगों को पूर्वाह्न 11:30 बजे तक हवाई अड्डे से जाने दिया गया. मुंबई हवाई अड्डे के बाहर इंतजार कर रहे मीडिया र्किमयों ने बार-बार इन यात्रियों से बातचीत का प्रयास किया लेकिन उनमें से किसी ने भी पिछले चार दिन के घटनाक्रम या अपनी यात्रा के बारे में कुछ नहीं बताया.
विमान उतरने के कुछ घंटे बाद हवाई अड्डे से बाहर आए अधिकतर यात्रियों को मीडिया र्किमयों से बचकर जाते हुए देखा गया.
हवाई अड्डे पर अधिकारियों द्वारा कुछ यात्रियों से पूछताछ की खबरों के बारे में प्रश्नों का कोई उत्तर नहीं मिला. फ्रांसीसी प्राधिकारियों के अनुसार, जिस विमान ने मुंबई के लिए उड़ान भरी, उसमें 276 यात्री सवार थे और दो नाबालिगों सहित 25 लोगों ने फ्रांस में शरण के लिए आवेदन किया है और वे अभी फ्रांस में ही हैं.
फ्रांस के एक समाचार चैनल ने बताया कि दो अन्य यात्रियों को न्यायाधीश के सामने पेश किया गया और उन्हें सहायता प्राप्त गवाह का दर्जा दिया गया. फ्रांस के एक स्थानीय अधिकारी ने बताया है कि जब विमान वैट्री हवाई अड्डे पर उतरा था, तब उसमें 303 भारतीय नागरिक सवार थे जिनमें से 11 नाबालिगों के साथ कोई नहीं था.
अधिकारी ने बताया था कि रोक कर रखे गए विमान में सवार यात्रियों के लिए अस्थायी बिस्तरों की व्यवस्था की गई थी, उन्हें शौचालय का इस्तेमाल करने एवं नहाने की सुविधा दी गई थी और उन्हें वैट्री हवाई अड्डा परिसर में भोजन और गर्म पेय उपलब्ध कराया गया था.
दुबई से निकारागुआ जा रही एवं रोमानिया की कंपनी ‘लीजेंड एयरलाइंस’ द्वारा संचालित उड़ान को बृहस्पतिवार को तकनीकी पड़ाव के लिए वैट्री हवाई अड्डे पर रोका गया था, तभी फ्रांसीसी पुलिस ने हस्तक्षेप किया. फ्रांसीसी अधिकारियों ने यात्रा की शर्तों और उद्देश्य की न्यायिक जांच शुरू की और संगठित अपराध की जांच में विशेषज्ञता रखने वाली एक इकाई ने मानव तस्करी के संदेह को लेकर जांच की.
अमेरिका में शरण चाहने वालों के लिए निकारागुआ एक लोकप्रिय गंतव्य बन गया है. अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा गश्ती (सीबीपी) द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023 में 96,917 भारतीयों ने अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश करने का प्रयास किया और यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 51.61 प्रतिशत अधिक है.



