पीएम मोदी ने जापानी समकक्ष ताकाइची से की मुलाकात, राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत

तीन दिवसीय भारत दौरे पर आईं जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची का आज राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया गया। पीएम मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री का खुद स्वागत किया। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में ताकाइची को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। प्रधानमंत्री ने ताकाइची को भारतीय प्रतिनिधिमंडल से भी मिलवाया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी पीएम ताकाइची के साथ आए शिष्टमंडल से मुलाकात की। गौरतलब है कि भारत पहुंचने से पहले पीएम ताकाइची ने इस दौरे को अहम बताया था। उन्होंने कहा था कि बढ़ती अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के बीच भारत के साथ सहयोग का महत्व और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के साझा मूल्यों तथा रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने का यह महत्वपूर्ण अवसर है।

2024 से अब तक पूर्वोत्तर क्षेत्र और जापान के बीच कैसे संबंध
दरअसल, जापान और उत्तर पूर्वी राज्यों के लोगों ने संस्कृति और खानपान में समानता के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सहयोग की संभावनाओं को भी स्वीकार किया है। यही कारण है कि विगत कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच कई उच्च स्तरीय दौरे हो चुके हैं। ऐसे ही कुछ अहम घटनाक्रमों पर एक नजर:
इस वर्ष फरवरी में जापान के विदेश मामलों के राज्य मंत्री इवाओ होरी की यात्रा हुई थी।
होरी ने मेघालय और असम के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात की थी।
मेघालय के मुख्यमंत्री ने इस वर्ष अप्रैल में जापान का दौरा किया।
जापान में 5,000 युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग। कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर कर चुके हैं दोनों पक्ष।
पिछले साल जनवरी में असम के मुख्यमंत्री ने किया था जापान दौरा।
असम और आसियान वन के बीच पांच वर्षों की अवधि में 20,000 युवाओं के प्रशिक्षण के लिए हुआ है समझौता।
2024 में मेघालय सरकार ने शिलांग के चेरी ब्लॉसम महोत्सव में भागीदार देश जापान के साथ सहयोग का करार किया।
11:57 AM, 02-Jul-2026
मौजूदा समय में किन क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग कर रहे भारत और जापान?
पूर्वोत्तर भारत में कनेक्टिविटी और विकास के लिए साझेदारी।
बुनियादी ढांचा, शहरी नवीकरण, ऊर्जा, कृषि, पर्यटन और कौशल विकास से संबंधित परियोजनाओं पर मिलकर काम कर रहे दोनों देश।
पूर्वोत्तर जापान के मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण के अनुकूल।
दक्षिण एशिया को दक्षिणपूर्व एशिया से जोड़ने वाले सेतु का काम करता है पूर्वोत्तर।
11:41 AM, 02-Jul-2026
भारत-जापान शिखर सम्मेलन के दौरान खास क्या?
पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद।
द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे दोनों देश।
पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी।

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