
हैदराबाद. तेलंगाना पुलिस ने मंगलवार को तेलुगु फिल्मों के मशहूर अभिनेता अल्लू अर्जुन से सवाल किया कि क्या उन्हें पता था कि प्राधिकारियों ने उन्हें उस थिएटर में जाने की अनुमति नहीं दी थी जहां फिल्म ‘पुष्पा-2’ की स्क्रीनिंग हुई थी और क्या उन्हें 4 दिसंबर को प्रीमियर के दौरान हुई भगदड़ में एक महिला की दुखद मौत के बारे में पता है.
अर्जुन अपने पिता अल्लू अरविंद और वकीलों के साथ पूर्वाह्न करीब 11 बजे चिक्कड़पल्ली पुलिस थाने पहुंचे. अभिनेता से सेंट्रल जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अक्षांश यादव के नेतृत्व में पुलिस के एक दल ने पूछताछ की. अभिनेता अपराह्न दो बजकर 45 मिनट पर पुलिस थाने से निकल गए. सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अभिनेता से घटनाक्रम और उनकी निजी सुरक्षा के बारे में भी पूछा गया. पुलिस ने आरोप लगाया है कि बाउंसरों ने कथित तौर पर उनके प्रशंसकों को धक्का दिया, जिसके कारण भगदड़ मची.
अल्लू अर्जुन के वकील अशोक रेड्डी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”अभिनेता ने पुलिस के साथ पूरा सहयोग किया. अगर जरूरत पड़ी तो वे उन्हें फिर से बुलाएंगे. वे (पुलिस) उनसे पूछताछ करना चाहते थे और अभिनेता ने सहयोग किया. पुलिस ने उनके साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया.” घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पूछताछ अल्लू अर्जुन के थिएटर में प्रवेश, बाहर निकलने और अभिनेता के पास भीड़ को नियंत्रित करने में बाउंसरों की भूमिका के ईद-गिर्द केंद्रित थी. सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”पुलिस ने मामले के संबंध में अल्लू अर्जुन का बयान दर्ज किया है.”
पूछताछ के बाद अल्लू अर्जुन शहर के पॉश जुबली हिल्स स्थित अपने आवास लौट आए. अभिनेता ने 21 दिसंबर को एक संवाददाता सम्मेलन किया था, जिसमें भगदड़ की घटना को पूरी तरह से आकस्मिक बताया गया था और फिल्म स्क्रीनिंग से पहले ”रोडशो” को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा लगाए गए आरोपों से इनकार किया गया था. रेड्डी ने एक रोडशो करने और थिएटर में भीड़ को हाथ हिलाने के लिए किसी का जिक्र किए बिना अभिनेता की आलोचना की थी, उसके कुछ घंटे बाद ‘पुष्पा 2’ अभिनेता ने आरोपों का खंडन किया था और कहा कि यह कोई जुलूस या रोडशो नहीं था.
अभिनेता की मंगलवार को पेशी के मद्देनजर चिक्कड़पल्ली थाने पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. अत्यधिक संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, साथ ही पुलिस ने थाने की ओर आने वाली सड़कों पर यातायात पाबंदियां भी लगायी थीं. अभिनेता को 23 दिसंबर को एक नोटिस जारी करके आज पूर्वाह्न 11 बजे पुलिस के सामने पेश होने के लिए कहा गया था.
पुलिस ने अल्लू अर्जुन को पेश होने के लिए जारी अपने नोटिस में कहा था कि भगदड़ की घटना के बारे में जवाब हासिल करने तथा तथ्यों का पता लगाने और आवश्यकता पड़ने पर घटनास्थल का दौरा करने के लिए चिक्कड़पल्ली थाने के थाना प्रभारी (एसएचओ) के समक्ष उनकी उपस्थिति आवश्यक है.
इससे पहले दिन में, यहां रिहायशी जुबली हिल्स स्थित अभिनेता के आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और थाना जाने से पहले उन्होंने मीडियार्किमयों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया. अल्लू अर्जुन ने पहले कहा था कि वह जांच में सहयोग करेंगे. अल्लू अर्जुन को 23 दिसंबर को नोटिस जारी किया गया था. उससे एक दिन पहले पुलिस आयुक्त सी. वी. आनंद ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें थिएटर का घटनाक्रम प्रर्दिशत किया गया था.
हैदराबाद के संध्या थिएटर में चार दिसंबर को भगदड़ के दौरान 35 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई थी और उसका आठ वर्षीय बेटा घायल हो गया था जिसे बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. घटना के बाद, हैदराबाद पुलिस ने मृतक महिला के परिवार द्वारा दी गई एक शिकायत के आधार पर चिक्कड़पल्ली थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अल्लू अर्जुन, उनकी सुरक्षा टीम और थिएटर प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया था.
अल्लू अर्जुन का नाम आरोपी नंबर 11 के रूप में दर्ज किया गया था. उन्हें महिला की मौत के सिलसिले में 13 दिसंबर को हैदराबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था. तेलंगाना उच्च न्यायालय ने उसी दिन अभिनेता को चार सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी थी और उन्हें 14 दिसंबर की सुबह यहां जेल से रिहा कर दिया गया.



