
नयी दिल्ली. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने सोमवार को कहा कि सभी मतगणना केंद्रों पर सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होगी और इस बारे में कोई संदेह नहीं है. उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होने के आधे घंटे बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में दर्ज मतों की गिनती शुरू होगी.
विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के नेताओं ने रविवार को निर्वाचन आयोग से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया था कि चार जून को ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ (ईवीएम) के नतीजों से पहले डाक मत पत्रों की गिनती कर उनके परिणाम घोषित किए जाएं.
कुमार ने कहा, ”नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं (नियम 54ए) कि डाक मतपत्रों की गिनती पहले शुरू होगी. देश के सभी केंद्रों पर यह पहले शुरू होगी, इसमें कोई संदेह नहीं है. आधे घंटे के बाद हम ईवीएम में दर्ज मतों की गिनती शुरू करते हैं.” उन्होंने कहा, ”कल अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम विधानसभा (मतगणना) के मामले में भी ऐसा हुआ. हम इसे क्यों नहीं बदल सकते, क्योंकि यह नियमों के अनुरूप है.” कुमार ने कहा कि डाक मतपत्रों की गिनती और फिर ईवीएम में दर्ज मतों की गिनती तथा अंत में ईवीएम नतीजों के साथ वीवीपीटी र्पिचयों का मिलान जारी रहेगा.
‘लापता जेंटलमैन’ मीम पर सीईसी ने कहा: हम यहीं हैं, कभी बाहर नहीं थे
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने सोमवार को सोशल मीडिया पर चल रहे विभिन्न मीम का उल्लेख करते हुए कहा कि वह और उनके साथी चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा सुखबीर सिंह संधू ”कभी भी बाहर नहीं थे” और ”हमेशा यहीं” थे.
लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान शीर्ष नेताओं द्वारा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के बीच कथित तौर पर अनुपस्थित रहने को लेकर सोशल मीडिया यूजर ने आयोग पर निशाना साधा था और इस संस्था को ‘लापता जेंटलमैन’ की संज्ञा दी थी. ये मीम हालिया फिल्म ‘लापता लेडीज’ पर आधारित थे.
मतगणना की पूर्व संध्या पर यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुमार ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अब लोग सोशल मीडिया पर टैग लाइन के साथ मीम देखेंगे कि ‘लापता जेंटलमैन’ वापस आ गए हैं. उन्होंने कहा, ”हम कभी बाहर नहीं थे, हम हमेशा यहीं थे. हमने अपने प्रेस नोट के माध्यम से आपके साथ बातचीत करने का विकल्प चुना. यह पहली बार था जब हमने एक साथ लगभग 100 प्रेस नोट और परामर्श जारी किए.” दोनों चुनाव आयुक्तों के साथ मौजूद सीईसी कुमार ने कहा कि चुनाव अधिकारी पर्दे के पीछे से संवाद करते रहे हैं और सोमवार को उन्होंने एक प्रेस वार्ता आयोजित करने का फैसला किया.
उनका कहना था कि मतदाता सूची में खामियों, ईवीएम की विश्वसनीयता और मतदान प्रतिशत के आंकड़ों में कथित हेराफेरी पर सवाल उठाए गए थे. सीईसी ने कहा कि आरोप लगाने वाला व्यक्ति अदालत में मौजूद था, लेकिन वहां कोई गवाह मौजूद नहीं था. उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों और बूथ पर डाले गए वोटों का रिकॉर्ड रखने वाले फॉर्म 17 सी प्राप्त करने वालों की ओर से किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं आई है. कुमार ने चुनाव आयोग के खिलाफ विभिन्न आरोपों पर कहा, ”..मतलब, कुछ आ रहा है, मैं बोल नहीं रहा हूं.” उन्होंने चुनावी ड्यूटी में लगे एक करोड़ से अधिक मतदान र्किमयों का जिक्र करते हुए कि वे चुनावों के गुमनाम नायक हैं.
जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने की प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू होगी: सीईसी राजीव कुमार
निर्वाचन आयोग ने सोमवार को कहा कि वह जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने की प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू करेगा. मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान जम्मू एवं कश्मीर में मतदान प्रतिशत से निर्वाचन आयोग बहुत उत्साहित है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए लोगों की उत्सुकता को दर्शाता है.
उन्होंने कहा, ”हम बहुत जल्द जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेंगे. हम बहुत उत्साहित हैं. यह सबसे संतोषजनक क्षणों में से एक है.” लोकसभा चुनाव के दौरान जम्मू एवं कश्मीर में 58.58 प्रतिशत मतदान हुआ. यह चार दशकों में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है. उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में लोकसभा सीटों पर 51.05 प्रतिशत मतदान हुआ. मार्च में लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कुमार ने कहा था कि विधानसभा और संसदीय चुनाव एक साथ कराना तार्किक और सुरक्षा कारणों से व्यावहारिक नहीं है.
जम्मू एवं कश्मीर में जब भी विधानसभा चुनाव होंगे, वे अगस्त 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने और पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद से पहली बार होंगे. जम्मू एवं कश्मीर में आम तौर पर चुनावी प्रक्रिया एक महीने तक चलती है. परिसीमन की कवायद के बाद केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो गई हैं. इसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को आवंटित सीटें शामिल नहीं हैं. दिसंबर में उच्चतम न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को 30 सितंबर तक जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का निर्देश दिया था.
विपक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयासों का सबूत दे: मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने सोमवार को विपक्ष को चुनौती दी कि वे उन आरोपों के साक्ष्य साझा करें जिनमें कहा गया है कि निर्वाचन अधिकारियों और जिलाधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया को दूषित करने के लिए प्रभावित किया गया था, ताकि आयोग उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके.
कुमार ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विपक्ष को मतगणना शुरू होने से पहले चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के बारे में भी आयोग को बताना चाहिए. संवाददाता सम्मेलन में उनके साथ निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एस.एस. संधू भी मौजूद थे. कुमार ने कहा, ह्लआप अफवाह फैलाकर सभी को संदेह के घेरे में नहीं ला सकते.ह्व उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के किसी भी विदेशी प्रयास से निपटने के लिए तैयारी की थी, लेकिन ये आरोप देश के भीतर से ही आए हैं.
जिलाधिकारियों को प्रभावित किए जाने के आरोपों पर आपत्ति जताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, ह्लआरोप लगाने वालों को बताना चाहिए कि किस जिलाधिकारी को प्रभावित किया गया और हम उन्हें दंडित करेंगे. मतगणना प्रक्रिया शुरू होने से पहले उन्हें हमें बताना चाहिए.ह्व कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दावा किया था कि गृह मंत्री अमित शाह जिलाधिकारियों या कलेक्टरों को फोन कर रहे हैं और उन्हें ह्लखुलेआमह्व डराने-धमकाने में लगे हैं.



