विधानसभा मार्च के दौरान पार्टी समर्थकों के घायल होने के बाद पटना पुलिस पर भड़के प्रशांत किशोर

पटना. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की बुधवार को पार्टी के “विधानसभा मार्च” को रोकने के लिए किए गए “हल्के बल प्रयोग” में कुछ समर्थकों के घायल होने के बाद पुलिस से झड़प हो गई. पटना सेंट्रल की पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीक्षा के अनुसार, समर्थकों को विधानसभा परिसर से कुछ सौ मीटर दूर चितकोहरा गोलचक्कर पर रोक लिया गया.

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “यह एक प्रतिबंधित क्षेत्र है, जहां किसी सार्वजनिक सभा या प्रदर्शन की अनुमति नहीं है. इसलिए जब भीड़ को विधानसभा परिसर की ओर बढ़ते देखा गया तो अवरोधक लगा दिए गए और जब उन्होंने जबरन आगे बढ़ने की कोशिश की तो हल्का बल प्रयोग किया गया.” पार्टी कुछ महीने पहले किशोर द्वारा शुरू किए गए “हस्ताक्षर अभियान” के दौरान एकत्र किए गए “एक करोड़ हस्ताक्षरों” के साथ मार्च निकाल रही थी. मार्च का उद्देश्य नीतीश कुमार सरकार द्वारा दो साल पहले किए गए जाति सर्वेक्षण के बाद गरीबों को सहायता प्रदान करने में कथित विफलता और भूमि सर्वेक्षण में “बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार” को रोकने में असमर्थता को उजागर करना था.

किशोर ने मार्च स्थल पर ही “धरने” पर बैठने का फैसला किया, जिससे पटना हवाई अड्डे को विधानसभा परिसर, सचिवालय, राजभवन और मुख्यमंत्री आवास जैसे वीआईपी क्षेत्रों से जोड़ने वाले गोलचक्कर के पास यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ.
उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “दो महीने से हम इन मुद्दों को उठाने के लिए सरकार के प्रतिनिधियों से मिलने का समय मांग रहे हैं. अब जब कोई विकल्प नहीं बचा है और हम सड़कों पर उतर आए हैं. मुझे बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए तैयार हैं.” किशोर ने कहा, “इसका क्या मतलब होगा? मुख्य सचिव के पास क्या शक्ति है? हमें मुख्यमंत्री से मिलने का समय चाहिए. जब तक हमें मुख्यमंत्री से मिलने का समय नहीं मिल जाता, मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं.”

उन्होंने कहा, “मैं मुख्य सचिव से भी बातचीत के लिए तैयार हूं, बशर्ते वह लिखित आश्वासन दें कि हमारी मांगें एक निश्चित समय में पूरी कर दी जाएंगी.” उन्होंने पुलिस की ओर चिल्लाते हुए कहा, “आपने मेरे कार्यकर्ताओं पर लाठियां क्यों बरसाईं? हममें से कोई भी किसी तरह की शरारत नहीं कर रहा था. किसी ने एक कंकड़ भी नहीं फेंका था.” जब पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इसलिए कार्रवाई करनी पड़ी क्योंकि भीड़ प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजर रही थी, तो किशोर ने पलटकर कहा, “ठीक है, तो अब मैं खुद यहां बैठा हूं. मुझे मारकर दिखाओ.” किशोर (47) ने कहा है कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. पुलिसर्किमयों ने जब चितकोहरा गोलचक्कर पर किशोर को वापस जाने के लिए मनाने की कोशिश की तो किशोर को उनपर गुस्सा करते हुए देखा गया.

किशोर ने कहा, “मुझसे पंगा मत लो. मैं यहां कोई गड़बड़ी नहीं कर रहा. अगर हिम्मत है तो मेरे खिलाफ बल प्रयोग करके दिखाओ. परिणाम इतने भयानक होंगे कि नीतीश कुमार भी तुम्हें नहीं बचा पाएंगे. उनकी सरकार का एक दिन भी टिक पाना मुश्किल हो जाएगा.” इस बीच, जन सुराज पार्टी ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप पर एक वीडियो साझा किया है जिसमें प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा से मुलाकात करके उन्हें ज्ञापन सौंप रहा है.

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