
तिरुवनंतपुरम. तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित ‘एक देश, एक चुनाव’ सिद्धांत के खिलाफ लड़ना लोगों की जिम्मेदारी है क्योंकि यह व्यवस्थित रूप से लोकतंत्र को ‘नुकसान’ पहुंचाएगा. केरल के तिरुवनंतपुरम में मातृभूमि इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ लेटर्स (एमबीआईएफएल) में रेड्डी ने कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का असली एजेंडा एक पार्टी, एक व्यक्ति है, न कि ‘एक पार्टी एक चुनाव’ है. केंद्र धीरे-धीरे राज्यों के अधिकारों पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहा है.” उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले चुनाव स्थानीय मुद्दों पर अधिक केंद्रित होते हैं जिन्हें कई राज्यों में क्षेत्रीय दल निपटा रहे हैं. उन्होंने आग्रह किया कि सभी राज्यों को नए कदम का विरोध करना चाहिए.
रेड्डी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए दिशानिर्देशों की भी आलोचना की, जिसमें राज्य के विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति के लिए नए मानदंड निर्धारित किए गए हैं. उन्होंने कहा, ”केंद्र सरकार राज्यों से विश्वविद्यालयों के लिए बजटीय आवंटन करने की शक्तियां छीनने की कोशिश कर रही है. वे हर चीज को केंद्र के नियंत्रण में लाना चाहते है.” रेड्डी ने कहा कि ‘बुद्धिजीवियों’ को इसका विरोध करना चाहिए. दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर रेड्डी ने कहा कि लोग ”पक्ष और विपक्ष” के बीच ध्रुवीकृत हो गए हैं.



