प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेंगलुरु मेट्रो रेल के तीसरे चरण की परियोजना की आधारशिला रखी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 10 Aug 2025 07:53 PM
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेंगलुरु मेट्रो रेल के तीसरे चरण की परियोजना की आधारशिला रखी
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बेंगलुरु. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरू मेट्रो रेल परियोजना के तीसरे चरण की आधारशिला रखी. इस परियोजना पर 15,610 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है. बेंगलुरु मेट्रो के तीसरी चरण की परियोजना ”ऑरेंज लाइन” के नाम से भी जानी जाती है. इसकी कुल लंबाई 44 किमी से अधिक होगी, जिसमें 31 ‘एलिवेटेड’ स्टेशन होंगे.

अधिकारियों ने बताया कि यह बुनियादी ढांचा परियोजना शहर की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करेगी तथा आवासीय, औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करेगी. तीसरे चरण में दो गलियारे होंगे: जेपी नगर चौथे चरण से केम्पापुरा (32.15 किमी) तक और होसाहल्ली से कडाबागेरे (12.5 किमी) तक.

आधारशिला रखे जाने के कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, अश्विनी वैष्णव और एच डी कुमारस्वामी, केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे और वी सोमन्ना, उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार भी उपस्थित थे.

इससे पहले, मोदी ने बेंगलुरु मेट्रो रेल की बहुप्रतीक्षित ”येलो लाइन” का उद्घाटन किया, जिससे शहर के आईटी केंद्र को जोड़ने वाले कई अत्यधिक भीड़भाड़ वाले गलियारों में यातायात की भीड़ कम होने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री ने आरवी रोड (रागीगुड्डा) से इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो की सवारी भी की और यात्रा के दौरान विद्यार्थियों से बातचीत की. जब प्रधानमंत्री का काफिला इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन से कार्यक्रम स्थल की ओर जा रहा था, तो सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग और भाजपा समर्थक एकत्र थे.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 के बाद कर्नाटक के लिए रेल बजट नौ गुणा बढ़ा दिया: अश्विनी वैष्णव

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि कर्नाटक का रेल बजट 2014 से पहले के 835 करोड़ रुपये से बढ़कर नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद 7,500 करोड़ रुपये हो गया है. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बेंगलुरु मेट्रो की ‘येलो लाइन’ को हरी झंडी दिखाये जाने के बाद वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा, ”कर्नाटक जैसे महत्वपूर्ण राज्य को 2014 से पहले केवल 835 करोड़ रुपये मिल रहे थे. मोदी की बदौलत अब उसे 7,500 करोड़ रुपये मिल रहे हैं. साथ ही, कर्नाटक में 54,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं. हम अमृत भारत योजना के तहत राज्य में 61 स्टेशनों का पुर्निवकास कर रहे हैं.” पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की वेबसाइट के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना विभिन्न चरणों में रेलवे स्टेशनों को उन्नत करने की एक दीर्घकालिक योजना है. उसमें हर स्टेशन के लिए आवश्यकता के आधार पर उसे विकसित करने की योजना शामिल हैं.

वैष्णव ने कहा कि भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में पिछले 11 वर्षों में बहुत ही तीव्र वृद्धि देखी गई है. उन्होंने कहा,”पिछले 11 वर्षों में हमारा इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन छह गुना बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.” उन्होंने कहा कि इसी अवधि में निर्यात आठ गुना बढ़कर तीन लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गया है.

वैष्णव ने कहा, ”ग्यारह साल पहले, कोई सोच भी नहीं सकता था कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात करेगा.” उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ की मज.बूत नींव रखने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से कर्नाटक समेत पूरे देश को लाभ हुआ है.
‘विकसित भारत 2047’ भारत सरकार का 2047 में अपनी स्वतंत्रता शताब्दी तक देश को विकसित बनाने की दिशादृष्टि है.
वैष्णव ने कहा, ”अगर भारत दुनिया में मोबाइल फ.ोन का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता बन गया है, तो नम्मा बेंगलुरु में देवनहल्ली एक प्रमुख आईफ.ोन निर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है.”

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