
श्रीनगर. नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के नेता उमर अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फलस्तीन एवं लेबनान में जारी ‘रक्तपात’ को रोकने के लिए इजराइल पर दबाव डालना चाहिए. अब्दुल्ला ने बारामूला में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ”कल जो हुआ (हिजबुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला की हत्या), ऐसा लग रहा है कि क्षेत्र में युद्ध की आशंका है. भारत सरकार और प्रधानमंत्री के साथ-साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय नेताओं को इजराइल पर हत्याएं रोकने के लिए दबाव डालना चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति स्थापित हो सके .” पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती जैसे कुछ राजनीतिक नेताओं द्वारा नसरल्ला के मारे जाने के बाद अपने चुनाव अभियान को स्थगित करने के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि वह इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे.
उन्होंने कहा, ”(हालांकि), हमने फलस्तीनियों पर इजराइल के आक्रमण की निंदा की है, हमने मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इजराइल पर लोगों की हत्या रोकने के लिए दबाव डालना चाहिए, चाहे वह फलस्तीन में हो या लेबनान में.” जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति के बारे में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘खराब’ होती स्थिति के लिये मौजूदा प्रशासन जिम्मेदार है .
उन्होने कहा, ”उग्रवाद जम्मू में एक बार फिर से अपना सिर उठा रहा है. आज, जम्मू के विभिन्न हिस्सों में हमलों की खबरें रोज आ रही हैं. उनकी (भाजपा) ओर से शिथिलता थी. उनके शासनकाल में स्थिति और बदतर हुयी है.” चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा द्वारा नेकां एवं कांग्रेस की आलोचना किए जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के पास जम्मू-कश्मीर के विकास के मामले में ”दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है .” अब्दुल्ला ने कहा, ”चूंकि, उनके (भाजपा) पास अपनी सरकार के कार्यकाल में दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है, इसलिए वे नेकां-कांग्रेस को दोष देंगे.”
हिज्बुल्ला नेता की हत्या को लेकर कश्मीर में इजराइल के विरोध में प्रदर्शन
कश्मीर के कई हिस्सों में हिज्बुल्ला नेता हसन नसरल्ला की लेबनान में हत्या के खिलाफ इजराइल विरोधी प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा. अधिकारियों ने कहा कि हत्या के विरोध में बडगाम में मगाम और शहर में जदीबल में प्रदर्शन किया गया जिसमें हाथों में काला ध्वज लेकर बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी शनिवार को इजराइली हवाई हमलों में नसरल्ला की मौत की निंदा करते हुए इजरायल विरोधी और अमेरिका विरोधी नारे लगा रहे थे.
अधिकारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शन कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा, हालांकि बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी यह सुनिश्चित करने के लिए नजर बनाए हुए थे कि प्रदर्शन हिंसक न हो जाए. कई नेताओं ने हत्या की निंदा की है, जबकि श्रीनगर से लोकसभा सदस्य आगा रुहुल्ला और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अपने चुनाव अभियान स्थगित कर दिए हैं.
मुफ्ती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”लेबनान और गाजा के शहीदों, खासकर हसन नसरल्ला के साथ एकजुटता दिखाते हुए कल अपना अभियान रद्द कर रही हूं. अपार दुख और अनुकरणीय प्रतिरोध की इस घड़ी में हम फलस्तीन और लेबनान के लोगों के साथ खड़े हैं.” ‘अपनी’ पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने भी लेबनान में हुई हत्याओं की निंदा की. बुखारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”इजराइल के लेबनान पर जारी हवाई हमलों से भारी जनहानि और भारी तबाही हो रही है. इस हिंसा से निर्दोष नागरिक सबसे अधिक पीड़ित हो रहे हैं.”



